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इस ताकत को हासिल करने वाला छठा देश बना भारत, DRDO को बड़ी कामयाबी

breaking uttrakhand newsनई दिल्ली : पहली बार नेवल लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट तेजस ने आज विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रमादित्य पर लैंड हुआ। यह पहली बार है जब कोई स्वदेशी लड़ाकू विमान ने किसी विमानवाहक पोत पर लैंडिंग की। यह जानकारी भारतीय नौसेना के सूत्रों ने दी है।  रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) ने इस लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट का निर्माण किया है जिसने अरेस्टर वायर की मदद से लैंडिंग की। एरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी नौसेना के साथ मिलकर लड़ाकू विकसित कर रही है। इस सफल लैंडिंग के साथ भारत रूस, अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन और चीन के बाद छठा ऐसा देश बन गया, जिसने विमान वाहक पोत के डेक पर एक अरेस्टिड लैंडिंग और डेक पर स्काई जंप टेक ऑफ की कला में महारत हासिल की है।

अरेस्टिंग गियर की सहायता से किसी भी फाइटर प्लेन को छोटे रनवे जैसे विमानवाहक पोत पर आसानी से लैंड कराया जा सकता है। इस तकनीकी की सफल परीक्षण के बाद अब एलसीए तेजस के नेवल वर्जन को विक्रमादित्य विमानवाहक पोत पर तैनात किया जा सकेगा। इसके अलावा एलसीए तेजस के नेवल वर्जन को भारत के अगले विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत पर भी तैनात किया जा सकेगा। भारत अमेरिका से शार्ट टेक ऑफ बट अरेस्ट रिकवरी ट्रूल्स को खरीदने का मन बना रहा है। इसे इस्तोबार या STOBAR भी बोला जाता है।

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