टिहरी लोकसभा सीट पर सांसद माला राजलक्ष्मी की जीत की राह नहीं आसान, जानिए क्यों?

देहरादून : टिहरी लोकसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार वर्तमान सांसद माला राजलक्ष्मी शाह की लोकसभा सीट पर जीत की राह आसान होती नहीं दिखाई दे रही है. यूजर्स की प्रतिक्रियाओं और कमेंट को देखते हुए यहीं माना जा रहा है कि इस बार सांसद की जीत की राह थोड़ी कठिन है.

जनता का कहना- टिहरी सांसद सिर्फ चुनाव के वक्त ही दिखाई देती हैं

बता दें भाजपा ने वर्तमान टिहरी सांसद माला राजलक्ष्मी शाह को फिर से टिहरी लोकसभा सीट से उम्मीदवार घोषित किया है जिसके बाद आज माला राजलक्ष्मी शाह ने नामांकन दाखिल किया. वहीं इसके बाद प्रदेश की जनता ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए माला राजलक्ष्मी शाह को गैरजिम्मेदराना सांसद बताया औऱ कहा कि टिहरी सांसद सिर्फ चुनाव के वक्त ही दिखाई देती हैं…इसके अलावा वो महलों में ही रहना पसंद करती हैं. जनता का कहना है कि न तो माला राजलक्ष्मी किसी कार्यक्रम में दिखाई देती है और न ही उन्होंने कोई विकास का काम किया है.

गोपालमणि के मैदान में आने से भाजपा को हो सकता नुकसान

वहीं टिहरी सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी कथावाचक गोपालमणि भाजपा की मुश्किलें बढ़ा सकते हैं क्योंकि गोपालमणि जो टिहरी जिले से हैं उन्होंने नामांकन कर दिया और माना जा रहा है कि गोपालमणि भाजपा के वोट बैंक में सेंधमारी करेंगे. भाजपा के कई विधायक भी इस बात को कह रहे हैं कि गोपालमणि के मैदान में आने से भाजपा को नुकसान हो सकता है साथ ही धनौल्टी सीट से निर्दलीय विधायल प्रीतम सिंह पंवार ने गोपालमणि को अपना समर्थन दिया और उनके प्रस्तावक भी बने हैं जिससे माना जा रहा है कि प्रीतम सिंह पंवार को जो वोट बैंक गोपालमणि को जाएगा. प्रीतम सिंह पंवार पूर्व कैबिनेट मंत्री भी रह चुके हैं. उत्तरकाशी और टिहरी जनपद में उनका अच्छा प्रभाव है.

सांसद राजलक्ष्मी शाह ने किया जीत का दावा तो यूजर्स ने दी अपनी प्रतिक्रिया

आपको बता दें नामांकन करने से पहले सांसद राजलक्ष्मी शाह ने शक्ति प्रदर्शन रैली का आयोजन किया था जिसमें उन्होंने जीत का दावा किया था और इस पोस्ट पर प्रदेश की जनता ने कमेंट करते हुए उनकी इस बार जीत को आसान नहीं बताते हुए हार की बात कही.

सांसद के जीत के दावे की खबर पर यूजर्स की प्रतिक्रिया

  1. एक यूजर ने जिले में विकास का प्रशन उठाते हुए पूछा कि नालापानी में कितना विकास हुआ.

2. एक यूजर ने लिखा कि- मैडम सिर्फ चुनाव के समय ही दिखती हैं, एक यूजर ने लिख की-इस बार इनकी जीत मुश्किल है.

3. एक यूजर ने लिखा कि-जीत का सपना देखना छोड़ दो.

4. एक यूजर ने लिखा कि मोदी जी के नाम पर शायद आ भी जाए। महारानी जी को कौन वोट देना चाहेगा, दिखते तो हैं नहीं कभी, आप कभी दिल्ली तो बाकी के दिन देहरादून में होते हैं।

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