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पिथौरागढ़ में धधक रहे जंगलों की वन विभाग ने नहीं ली सुध, ग्रामीणों ने मजदूर लगाकर बुझाई आग

गर्मी बढ़ने के साथ ही प्रदेश के जंगल फिर धधकने लगे हैं। पिछले कुछ दिनों हुई बारिश के कारण जंगलों में आग लगने की घटनाएं सामने नहीं आ रही थी। लेकिन तापमान में बढ़ोतरी के साथ ही एक बार फिर जंगलों में आग लगने की घटनाएं सामने आने लगी हैं।

गणाई गंगोली और थल के जंगलों में धधकी आग

पिथौरागढ़ के गणाई गंगोली और थल के जंगल आग से धधक रहे हैं। जिसके कारण वन संपदा को काफी नुकसान हो रहा है। जबकि आग लगने के कारण तापमान में भी बढ़ोतरी हो रही है। लेकिन वन विभाग आग को बुझाने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठा रहा है।

ग्रामीणों ने मजदूर लगाकर बुझाई आग

जंगल में लगी आग को बुझाने के लिए जब वन विभाग ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया तो गणाई गंगोली में आस-पास के ग्रामीणों ने खुद आग बुझाने के लिए मजदूर लगाए और स्वंय उनके साथ मिलकर आग बुझाई। जिसके बाद जंगल की आग पर काबू पाया जा सका।

आग से धधक रहे सीमांत के जंगल

गर्मी बढ़ने के साथ ही एक बार फिर से प्रदेश में जंगलों में आग की घटनाएं बढ़ गई हैं। सीमांत जिले पिथौरागढ़ में पिछले दिनों से जंगल धधक रहे हैं। थल के हजेती वन रेंज के कालीगाड़, अमतड़ हत्वालगांव के पास के जंगलों में आग लगी हुई है।

जबकि गणाई गंगोली के कई जंगलों में भी आग लगी हुई है। पिथौरागढ़ रेंज के चामी बमनधौन के जंगल भी आग से धधक रहे हैं। इसके साथ ही देवलथल-कनालीछीना के लोड़ी, सुवालेख, लोहार गांव के जंगलाें में भी आग लगी है।

जिले में अब तक सामने आई आग की 79 घटनाएं

जिले में अब तक जंगलों में आग की 79 घटनाएं सामने आई हैं। जिससे 83.90 हेक्टेयर वन क्षेत्र को नुकसान पहुंचा है। अब तक आग की घटनाओं से वन विभाग को भी दो लाख से भी ज्यादा की का नुकसान हुआ है। जिले के कई इलाके अब भी आग की चपेट में हैं। आग के कारण हर तरफ धुंध छाई हुई है।

Yogita Bisht

योगिता बिष्ट उत्तराखंड की युवा पत्रकार हैं और राजनीतिक और सामाजिक हलचलों पर पैनी नजर रखती हैंं। योगिता को डिजिटल मीडिया में कंटेंट क्रिएशन का खासा अनुभव है।
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