
सोमवार को नगर निगम में एक बार फिर राजधानी देहरादून में धवस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की। राजपुर स्थित काठ बंगला बस्ती का ध्वस्तीकरण किया गया। इसे लेकर कांग्रेस का कहना है कि अवैध बस्तियां बनती रही और देहरादून नगर निगम सोता रहा। इसके साथ ही कांग्रेस का कहना है कि काठबंगला में घरों से ज्यादा नियम कानून का ध्वस्तीकरण हुआ है।
2016 से पहले बसे लोगों के भी तोड़े गए घर
देहरादून के राजपुर स्थित काठबंगला बस्ती का आज ध्वस्तीकरण किया गया। कांग्रेस का कहना है कि सरकार के इशारे पर प्रशासन द्वारा कई ऐसे गरीबों के घरों को उजाड़े गए जो एनजीटी के आदेशानुसार मार्च 2016 से पहले से बसे थे। जबकि उनको इस कार्यवाही पर छूट थी। कांग्रेस प्रवक्ता अभिनव थापर ने कहा एनजीटी के आदेशों में स्पष्ट उल्लेख है कि 11 मार्च 2016 से पहले वालों पर कार्यवाही नहीं होगी फिर भी कई 2016 से पहले के निर्माण भी तोड़े गए
ध्वस्तीकरण से पहले पुनर्वास का कार्य करे सरकार
कांग्रेस का कहना है कि सरकार को ध्वस्तीकरण से पहले पुनर्वास का कार्य करना चाहिए। गरीबों को बारीश में उजाड़ने से पहले सरकार को कोई छत की व्यवस्था बनानी चाहिए थी। देहरादून नगर निगम सोता रहा और अवैध बस्तियां बनती रही। आज इन अवैध बस्तियों को बसाने वाले ” जिम्मेदार नेता ” कहां है ?