जोशीमठ में जमीन से फूटे फव्वारे का डिस्चार्ज कम हुआ, दरारों का सिलसिला भी रुका

JOSHIMATH जोशीमठ में जेपी कॉलोनी में फूटे पानी के फव्वारे की रफ्तार धीमी होती दिख रही है। उससे निकलने वाला पानी अब कम हो रहा है। शासन प्रशासन के लोग इसे सुखद मान रहें हैं।

जोशीमठ में कैंप कर रहे सीएम धामी के सचिव मीनाक्षी सुंदरम ने बताया है कि रविवार को पानी का डिस्चार्ज 560 लीटर प्रति मिनट (एलएमपी) था, जो मंगलवार को घटकर 360 एलएमपी पर पहुंच गया। उन्होंने बताया कि पानी के डिस्चार्ज पर हर घंटे नजर रखी जा रही है।

वहीं इस पानी के रिसाव को लेकर भू वैज्ञानिक भी चिंतित हैं और लगातार नजर बनाए हुए हैं। रुड़की स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाइड्रोलॉजी ने भी इस पानी के सैंपल लिए हैं और जांच कर रहा है।

आपको बता दें कि 2 जनवरी को जोशीमठ के सबसे निचले हिस्से में मुख्य नगर से करीब नौ किमी दूर मारवाड़ी स्थित जेपी कॉलोनी में मटमैले पानी की एक जलधारा फूट पड़ी थी। ये जलधारा तब से लगातार बह रही है।

वहीं अधिकारियों और जोशीमठ के लिए राहत भरी बात ये भी रही कि नए भवनों में दरार नहीं आ रही है। हालांकि अब तक कुल 723 भवनों में दरारें आ चुकी हैं। इनमें से 86 भवन पूरी तर असुरक्षित घोषित किए जा चुके हैं। इन्हें तत्काल गिराया जाएगा। इनपर लाल निशान लगा दिए गए हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here