देहरादून से बड़ी खबर : IMA के इतिहास में पहली बार होगा ऐसा, गुरु निभाएंगे परिजनों की भूमिका

देहरादून : कोरोना संकट के बीच आईएमए में पासिंग आउट परेड होगी लेकिन इस बार आईएमए में पासिंग आउट परेड का नजारा पहली बार बदला-बदला रहेगा। जी हां इस बार आईएमए कैडेट्स मास्क पहनकर कदमताल करेंगे। कोरोना के कहर को देखते हुए ये फैसला लिया गया है जो की इतिहास में पहली बार होगा।

जेंटलमैन कैडेट मास्क पहनकर करेंगे पासिंग आउट परेड में कदमताल

अपने परिजनों की गैर मौजूदगी में इस बार जेंटलमैन कैडेट मास्क पहनकर पासिंग आउट परेड में कदमताल करेंगे।जी हां इस बार कैडेट्स के परिजन भी परेड में शिरकत नहीं कर पाएंगे। परेड की ड्रेस में मास्क को अनिवार्य किया गया है। आईएमए अफसरों का कहना है कि कोरोना संक्रमण काल में ट्रेनिंग और परेड रिहर्सल भी मास्क पहनकर चल रही है। वहीं कैडेट्सों के बीच दूरी भी पहले के मुकाबले ज्यादा रहेगी।

13 जून को है पासिंग आउट परेड

बता दें कि आईएमए में 13 जून को पासिंग आउट परेड होनी है। जिसके लेकर आईएमए में अलर्ट जारी कर दिया गया है। वहीं आईएमए के बाहर सड़क पर आज जीरो जोन रहेगा।

पीपींग सेरेमनी में गुरु निभाएंगे परिजनों की भूमिका

आईएमए में वर्षों से परंपरा रही है कि पीओपी के बाद कैडेटों की पीपींग सेरेमनी होती है। इस दौरान कैडेटों के कंधों पर उनके परिजन स्टार सजाते हैं। इस बार परिजनों की गैर मैजूदगी में कैडेटों के इंट्रेक्टर (गुरु) और उनके परिजनों की भूमिका में रहेंगे। कैडेटों को पीपींग सेरेमनी में परिजनों की कमी को दूर करने के लिए इंट्रेक्टर उनके कंधों पर स्टार सजाएंगे। वहीं ग्रुप पुशअप, उछल कूद या इस तरह का जश्न भी कैडेट इस बार नहीं मना पाएंगे।

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