कोई और नियम तोड़े तो मुकदमा, CM धामी और उनकी पत्नी करे तो सब कुछ कूल, भड़के हरदा

देहरादून: उत्तराखंड में सोमवार को विधानसभा चुनाव शांतिपूर्ण संपन्न हुआ। शाम छह बजे मतदान खत्म हुआ। वहीं लोगों ने बढ़कर मतदान किया। बता दें कि खटीमा में सीएम ने अपने परिवार समेत वोट किया। सीएम धामी ने अपनी पत्नी गीता धामी और मां समेत वोट किया। वहीं दोनों पर मतदान केंद्र पर आचार संहिता तोड़ने का आरोप लगा है। कांग्रेस समेत आप ने जमकर हंगामा और विरोध भी किया है।

आपको बता दें कि नियम है कि पोलिंग बूथ से 200 मीटर की दूरी तक किसी भी तरह का प्रचार प्रसार नहीं किया जा सकता है। ना ही पार्टी का सिंबल या पटका लगाकर आप घूम सकते। ऐसे में सीएम धामी और उनकी पत्नी को पोलिंग बूथ के अंदर भाजपा का पटका और सिंबल लगाकर आए और तो और सीएम धामी की पत्नी तो पोलिंह बूथ के अंदर घूमते हुए नजर आईं।

बता दें कि सीएम धामी अपनी पत्नी समेत वोट देने भारतीय जनता पार्टी का सिंबल लगाए हुए पहुंचे। इतना ही नहीं उसके बाद उनकी पत्नी उन मतदान केंद्रों में पार्टी चिन्ह धारण कर वोटिंग का जायजा लेती दिखीं, जहां वे सुबह ही वोट कर चुकी थीं। एक पत्रकार ने जब इस पर सवाल किया तो गीता धामी ने कहा कि जिसने जहां वोट देना है, दे रहा है। हमारे पक्ष में ही मतदान हो रहा है। हम तो वोटिंग की व्यवस्था देख ही सकते हैं।

वहीं इससे हरदा भी भङ़क गए। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने एक री​ट्वीट में सीएम धामी की एक तस्वीर पोस्ट करते हुए चुनाव आयोग से सवाल किया, ‘पोलिंग बूथ पर पार्टी के चुनाव चिह्न का इस्तेमाल करना क्या जायज़ है? क्या यह चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन नहीं है? विशेषज्ञ कृपया संज्ञान लें.’ हरीश रावत के इस पोस्ट के बाद ये खबरें भी आईं कि खटीमा में ही वोट डालने जब गीता धामी बूथ पर पहुंचीं तो वह भाजपा का सिंबल इस्तेमाल कर रही थीं, जिस पर ऐतराज़ जताते हुए पुलिस ने उन्हें बाहर निकाला.

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