सीएम के दिल्ली दौरे से उत्तराखंड में हलचल, तो क्या पीएम लगाएंगे त्रिवेंद्र मंत्रिमंडल के विस्तार पर मुहर

देहरादून : काफी समय से त्रिवेंद्र मंत्रीमंडल विस्तार की चर्चाएं चल रही हैं जो की इन दिनों काफी तेज हो गई है. सीएम और भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत ने भी मंत्रीमंडल विस्तार के संकेत दिए थे।  इस चर्चाओं को औऱ हवा लग गई है। जी हां आज सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत दिल्ली दौरे पर हैं. जहां सीएम पीएम मोदी से मुलाकात करेंगे। कयास लगाए जा रहे हैं कि सीएम पीएम मोदी से मंत्रीमंडल विस्तार मामले पर चर्चा कर सकते हैं औऱ कैबिनेट मंत्री के नामों पर पीएम मोदी मुहर लगा सकते हैं. हालांकि सीएम कई योजनाओं को लेकर भी पीएम से बात करेंगे।

सीएम के दिल्ली दौरे से उत्तराखंड की राजनीति में हलचल 

वहीं सीएम के दिल्ली दौरे से उत्तराखंड की राजनीति में हलचल तो मची ही है साथ ही उनकी धड़कनें ज्यादा तेज हो गई है जिन्हें अपने कैबिनेट में शामिल होने की ज्यादा उम्मीद है। मुख्यमंत्री का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात करेंगे। इससे माना जा रहा है कि मुलाकात में मंत्रिमंडल विस्तार को हरी झंडी मिलते ही टीम त्रिवेंद्र में नए चेहरों की एंट्री हो जाएगी।

कुमाऊं से 2 जबकि गढ़वाल से एक विधायक को कैबिनेट में लिया जा सकता

जी हां आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दिल्ली में आज त्रिवेंद्र सिंह रावत शाम करीब 4 बजे मुलाकात करने वाले हैं। बताया जा रहा है कि कुमाऊं से 2 विधायकों को जबकि गढ़वाल से किसी एक विधायक को कैबिनेट में लिया जा सकता है. वहीं स्वर्गीय प्रकाश पंत की पत्नी चंद्रा पंत को राज्यमंत्री पद दिए जाने को लेकर भी चर्चाएं हैं। वहीं इसी के साथ राज्य की विकास योजनाओं को लेकर उन्होंने कई केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात की। अब वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे।

10 ने ली थी शपथ, कैबिनेट मंत्री के निधन से खाली हुई थी एक सीट

गौर हो कि उत्तराखंड विधानसभा के वर्ष 2017 में हुए चुनाव में भाजपा अकेले 70 में से 57 सीटें हासिल करने में कामयाब रही थी। बहुमत के बावजूद त्रिवेंद्र सिंह रावत के नेतृत्व में केवल 10 सदस्यीय मंत्रिमंडल ने ही शपथ ली। उत्तराखंड में मंत्रिमंडल का आकार अधिकतम 12 सदस्यीय हो सकता है लेकिन दो पद खाली ही रखे गए। पिछले साल जून में कैबिनेट मंत्री प्रकाश पंत का असामयिक निधन हो गया। जिससे एक सीट और खाली हो गई। इसके बाद तय लगने लगा कि मुख्यमंत्री जल्द ही अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करेंगे।इसके बावजूद 7 महीने का वक्त गुजर गया और नए मंत्री नहीं बनाए गए। अब हाल ही में मुख्यमंत्री ने स्वीकार किया कि नए मंत्रियों की आवश्यकता महसूस हो रही है। इससे साफ हो गया कि अब निकट भविष्य में मंत्रिमंडल विस्तार सुनिश्चित है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here