समाज कल्याण विभाग में अधिकारियों का भारी टोटा


उत्तराखंड समाज कल्याण विभाग में जहां एक ओर अधिकारियों और कर्मचारियों की भारी कमी बनी हुई है। जबकि इस विभाग पर समाज के सभी वर्गों की अहम जिम्मेदारी है, जिससे सरकारी कामकाज में तेजी नहीं आ रही है और आम जनता को परेशानियों से दो चार होना पड़ रहा है। लेकिन जल्द ही खाली पदों को भरने को लेकर सरकार ने कवायद शुरु कर दी है।

उत्तराखंड समाज कल्याण विभाग प्रदेश का सबसे अहम विभाग है, क्योंकि समाज के सभी वर्गों का समाज कल्याण विभाग से सीधा संबध है, चाहे फिर वो छात्रों को मिलने वाली छात्रवृति, वृद्धा अवस्था पेंशन, विधवा पेंशन समेत कई तरह की पेंशन समाज कल्याण विभाग के ही जिम्मे है, लेकिन अधिकारियों की कमी से कई बार जनता को भी दिक्कतें उठानी पड़ती है। केवल अधिकारियों के पदों की बात करें विभाग में भारी कमी है।

विभाग में समाज कल्याण अधिकारी 13 पद में से 5 स्वीकृत हैं जबकि 8 खाली हैं। वहीं सहायक समाज कल्याण अधिकारी के 95 पद हैं उनमें से 48 स्वीकृत हैं जबकि 47 खाली हैं। इतना ही नहीं समाज कल्याण विभाग में जहां समूह ग के काफी पद खाली हैं, तो वहीं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकरी, जनजातीय कल्याण अधिकारी और प्रोवेशन अधिकारियों के पद भी बड़ी तादाद में खाली पड़े हैं। लेकिन समाज कल्याण विभाग में खाली पदों को भरने को लेकर समाज कल्याण मंत्री चंदन साहब से बात की तो उन्होंने माना कि विभाग में अधिकारियों और कर्मचारियों की भारी कमी है जिनके लिए विभाग ने अधियाचन भेज दिए हैं साथ ही कैबिनेट ने सेवा योजन विभाग के आउट सोर्सिंग एजेंसी से भर्ती किए जाने पर मुहर लगाई है। इंतज़ार शासनादेश का हो रहा है।

लेकिन ये केवल कैबिनेट मंत्री चंदन राम दास के विभागों का हाल नहीं है, कई विभाग में अधिकारियों के पद खाली है, लेकिन देखना यही होगा कि प्रदेश की धामी सरकार जो युवाओं को रोजगार देने की बात कर रही है,वो कब तक पदों को भरने में कामयाब होती है, और अधिकारियों के जिन पदों को आउट सोर्सिंग एजेंसी से भरे जाने की बात हो रही है वो कितना कारगर साबित होता है।

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