कोरोना वायरस को लेकर उत्तराखंड में हाई अलर्ट, बढ़ाई चौकसी, अब तक हो चुकी है 56 मौतें

देहरादून : चीन में फैले कोरोना वायरस से दुनिया भर में हड़कंप मचा हुआ है. वायरस से हुई मौतों के आये मामले के बाद से दुनिया के अन्य हिस्सों में एहतियात बरती जा रही है। तो वहीं अब उत्तराखंड राज्य में प्रदेश से जुड़े नेपाल बॉर्डर पर और प्रदेश के एयरपोर्ट पर चौकसी बरती जा रही है। यही नहीं उत्तराखंड स्वास्थ्य महकमा भी अलर्ट मोड में आ गया है।

चाइना से आने वाले यात्रियों की होगी स्क्रीनिंग

उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग की महानिदेशक डॉ अमिता उप्रेती ने बताया कि भारत सरकार की तरफ से गाइडलाइन आ गई है, जिसके बाद प्रदेश के दोनों एयरपोर्ट्स के अधिकारियो को निर्देशित किया है कि यदि चाइना से कोई पैसेंजर आ रहा है तो उसकी सबसे पहले स्क्रीनिंग की जाए। और किसी भी यात्री में अगर कफ और फीवर जैसी सामान्य बीमारी भी पायी  जाता है तो उसे वही रोक लिया जाये और उपचार  जाये , इसके साथ ही नेपाल बॉर्डर और चाइना बॉर्डर से हिन्दुस्तान आने वाले लोगों की स्क्रीनिंग करने के लिए स्वास्थय विभाग की टीम लगायी जाएगी, बिना स्वास्थ्य परिक्षण के कोई भी व्यक्ति हिन्दुस्तान में नहीं आने दिया जायेगा।

नेपाल और चाइना बोडर्स पर अलर्ट

स्वास्थ्य महानिदेशक ने बताया की उत्तराखंड से लगते हुए जितने भी नेपाल और चाइना बोडर्स है. वहांं पर भी अलर्ट जारी कर दिया गया है। इसके साथ ही जो भी यात्री चाइना से यात्रा कर के आ रहा है, उस पर निगरानी भी रखी जाएगी। और किसी भी व्यक्ति में कोरोना वायरल के सिम्टम्स पाए जायेंगे, उसका इलाज कराया जायेगा। इसके साथ ही दिल्ली हेडक्वाटर पर भी संपर्क किया जायेगा।

अब तक हो चुकी है 56 लोगों की मौत

कोरोना वायरस  से चीन में अब तक कुल 56 लोग मारे जा चुके हैं. बात यदि भारत की करें तो यहां भी कुछ राज्यों जैसे बिहार, राजस्थान और महाराष्ट्र में कुछ लोगों में इस वायरस के संदिग्ध लक्षण पाए गए. हालांकि इनमें से कुछ लोग अब बिल्कुल स्वस्थ हैं. दून मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ के सी पन्त  की मानें तो  इस वायरस से घबराने या परेशान होने की जरूरत नहीं है, बल्कि सिर्फ सतर्क रहने की जरूरत है, डॉ पन्त का कहना है ये स्वाईन फ्लू जैसा ही एक वायरस है इससे सतर्क रहने की जरुरत है जो लोग विदेशों में जा रहे है या वंहा से देश वापिस आ रहे है उनको अपने स्वास्थ्य का परिक्षण करवाना चाहिए। …. हालाँकि डॉक्टर पन्त का कहना है अभी इस वायरस से निपटने के लिए कोई वैक्सीन उपलब्ध नहीं है।

वहीं इस सिलसिले में उत्तराखंड के  पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कोरोना वायरस पर स्वास्थ्य सचिव नितेश झा को पत्र लिखकर  सचेत रहने के निर्देश दिए है। साथ ही सतपाल महाराज ने बताया कि कोरोना वायरस, साप और मांस का सेवन करने से फैला है। लेकिन अगर कोई भी मरीज पाया जाता है तो उसका इलाज कराया जायेगा। साथ ही पर्यटन प्रदेश होने के कारण यंहा पर विदेशी पर्यटक भी काफी संख्या में एते है ऐसे में स्वास्थ्य विभाग द्वारा एयर पोर्ट पर ही विदेशी पर्यटकों का हेल्थ चेकअप करवाने को कहा है।

कोरोना वायरस क्या है?
डब्ल्यूएचओ के मुताबिक कोरोना वायरस सी-फूड से जुड़ा है. कोरोना वायरस विषाणुओं के परिवार का है और इससे लोग बीमार पड़ रहे हैं. यह वायरस ऊंट, बिल्ली तथा चमगादड़ सहित कई पशुओं में भी प्रवेश कर रहा है. दुर्लभ स्थिति में पशु मनुष्यों को भी संक्रमित कर सकते हैं. इस वायरस का मानव से मानव संक्रमण वैश्विक स्तर पर कम है.

कोरोना वायरस क लक्षण
कोरोना वायरस के मरीजों में आमतौर पर जुखाम, खांसी, गले में दर्द, सांस लेने में दिक्कत, बुखार जैसे शुरुआती लक्षण देखे जाते हैं. इसके बाद ये लक्षण निमोनिया और किडनी को नुकसान पहुंचाते हैं.

कोरोना वायरस का इलाज
अभी तक कोरोना वायरस से निजात पाने के लिए कोई वैक्सीन नहीं बनी है. इस वायरस के इलाज के लिए वैक्सीन बनाने का काम वैज्ञानिक कर रहे हैं.

कोरोना वायरस से बचाव
1. अपने हाथों को अच्छी तरह साबुन से धोएं. अगर साबुन ना हो तो सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें.
2. अपनी नाक और मुंह को कवर करके रखें.
3. बीमार लोगों से थोड़ी दूरी बनाएं. उनके बर्तन का इस्तेमाल ना करें और उन्हें छुए नहीं. इससे मरीज और आप दोनों ही सुरक्षित रहेंगे.
4. घर को साफ रखें और बाहर से आने वाली चीजों को भी साफ करके ही घर में लाएं.
5. नॉन वेज खासकर सी-फूड खाने से बचें, क्योंकि कोरोना वायरल सी-फूड से ही फैला है.

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