क्‍या बॉलीवुड में खेमेबाजी की भेंट चढ़ गए सुशांत सिंह राजपूत, ज‍िम्‍मेदार कौन ?

सुशांत सिंह राजपूत ने फैन के लिए लिखा था…अगर आप मेरी फिल्म देखने नहीं जाएंगी, तो ये मुझे बॉलिवुड से बाहर फेंक सकते हैं..मेरा कोई गॉड फादर नहीं है.. मैंने आप लोगों को ही अपना गॉड और फादर बनाया है.. प्लीज देखें अगर आप चाहती हैं कि मैं बॉलिवुड में सरवाइव करूं। यह बात भले ही सुशांत ने अपने किसी फैन से मजाक में कहीं होंगी, लेकिन कहीं न कहीं इस पोस्ट से सुशांत का दर्द झलक रहा था कि वह इस चमक-दमक भरी फिल्म इंडस्ट्री में खुद को अकेला महसूस करते थे।

सुशांत की मौत पर बॉलिवुड से लेकर सोशल मीडिया तक में फिल्म इंडस्ट्री में चलने वाले नेपोटिज़्म और खेमेबाजी पर बहस शुरू कर दी है। सोशल मीडिया पर इस बहस में अब सोनम कपूर, यशराज फिल्म्स, करण जौहर और सलमान खान जैसे स्टार्स के नामों की भी चर्चा हो रही है। सुशांत के इस दुनिया से चले जाने के बाद तमाम बॉलिवुड स्टार्स ने शोक जाहिर करते हुए उनके संग अपनी तस्वीर शेयर कीं। हालांकि सोशल मीडिया पर आम लोगों से लेकर जूनियर आर्टिस्ट्स तक कुछ खास सिलेब्रिटीज पर बिना नाम लिए निशाना साध रहे हैं।

फिल्म ‘उड़ान’ से अपने करियर की शुरूआत करने वाले रजत बरमेचा ने एक विडियो पोस्ट करके इंडस्ट्रीवालों के मेंटल हेल्थ की बात करने को फैंसी ट्रेंड बताया है। उधर ऐक्टर व प्रड्यूसर निखिल द्विवेदी ने लिखा है, ‘कोई आपत्ति नहीं है कि आप सिर्फ चढ़ते सूरज को सलाम करें! शायद सभी करते हैं.. आपत्ति इसमें है कि ढलते वक़्त जिस सूरज से आपने रोशनी ली है, आप उसी सूरज से नजर चुराते हैं, और तो और उसकी खिल्ली भी उड़ाते हैं। एक दूसरे के टच में रहने वाली बात न करें, क्या आप अभय देओल और इमरान खान के टच में हैं.. नहीं न.. अगर उनका करियर चमक रहा होता, तो शायद वे आपके सर्किल में होते..।’

सुशांत की असमय मौत पर शोक जाहिर करने वाले सिलेब्स को कंगना ने आड़े हाथों लिया। कंगना ने एक विडियो पर नेपोटिजम की बात कहते हुए कहा कि ‘गली बॉय’ जैसी वाहियात फिल्म को अवॉर्ड मिले, लेकिन ‘छिछोरे’ को क्यों नहीं? ‘सुशांत की मौत ने हम सबको झक-झोर कर रख दिया है। मगर कुछ लोग इस तरह से चला रहे हैं कि जिन लोगों का दिमाग कमजोर होता है, वे डिप्रेशन में आते हैं और सूइसाइड करते हैं। एक इंजीनियरिंग के इंट्रेंस एग्जाम रैंक होल्डर का दिमाग कमजोर कैसे हो सकता है? वह साफ कह रहे थे कि प्लीज मेरी फिल्में देखो, मेरा कोई गॉडफादर नहीं है, मुझे इंडस्ट्री से निकाल दिया जाएगा।

क्या इस हादसे की कोई बुनियाद नहीं है। सुशांत के लिए आप लिखते हैं वह साइकोटिक थे, न्यूरोटिक थे, अडिक्ट थे और बड़े स्टार्स की अडिक्शन तो बहुत क्यूट लगती है। तो यह सुइसाइड नहीं प्लान्ड मर्डर था। उन्होंने कहा तुम किसी काम के नहीं हो और वह मान गया और उन्होंने कहा तुम्हारा कुछ नहीं होगा, वह मान गया। दरअसल, वे चाहते ही हैं कि वे इतिहास लिखें कि सुशांत सिंह राजपूत कमजोर दिमाग का था। लेकिन वे यह नहीं बताएंगे सच्चाई क्या है।

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