हरीश रावत की भावुक पोस्ट, लिखा-मेरे माथे पर मुख्यमंत्री रहते दो हारों का कलंक, मैं वादा करता हूं…

harish rawat with cong flag
देहरादून : विधानसभा चुनाव नजदीक है। भाजपा 60 के पार का दावा कर रही है तो वहीं कांग्रेस का साफ कहना है कि भाजपा को जनता भगाना चाहती है और कांग्रेस को मौका देनाचाहती है इसलिए कांग्रेस की सरकार बनेगी। वहीं हरीश रावत मैदान में डटे हैं। हरीश रावत कांग्रेस का सीएम चेहरा हो सकते हैं हालांकि अभी तक पार्टी की ओर से ऐसा नहीं कहा गया है। 2021 चला गया और नए साल 2022 को आए दो दिन हो गए हैं। हरीश रावत ने फेसबुक पर एक भावुक पोस्ट लिखी है। इसमे हरीश रावत ने अपनी दो सीटों से हार की बात भी लिखी है।
हरीश रावत ने लिखी भावुक पोस्ट
हरीश रावत ने लिखा कि प्रिय भाई-बहनों एवं पार्टी के सहयोगी-साथियों,
अभी चंद मिनटों के बाद नये वर्ष, वर्ष 2022 का उद्भव होगा। 2021 अपनी कई कष्टपूर्ण यादों को समेटे हुये विदा हो रहा है। मेरे लिए नए वर्ष का उदय एक हर वर्ष होने वाले वर्ष परिवर्तन से कुछ भिन्न अर्थ रखता है। सारे उत्तराखंड के लिए भी एक भिन्न महत्त्व रखता है, क्योंकि वर्ष 2022 में उत्तराखंड में विधानसभा के चुनाव होने हैं, एक नई विधानसभा अस्तित्व में आएगी, बहुमत वाला राजनैतिक दल सरकार का गठन करेगा। मेरे लिए वर्ष 2022 में अपने राजनीतिक जीवन के साथ जुड़े हुए एक अवसादपूर्ण अध्याय को धोने का अवसर है, वह अवसादपूर्ण अध्याय है मुख्यमंत्री रहते 2 विधानसभा सीटों से हारने का, वह अवसाद पूर्ण अध्याय है मेरे मुख्यमंत्री काल के दौरान पार्टी को विधानसभा में न्यूनतम् संख्या 11 पर सिमटना पड़ा। मुझे इस अवसाद पूर्ण स्थिति को उल्लास में बदलना है।
बुरी पराजय के बावजूद भी मैंने 2017 में हौसला नहीं छोड़ा-हरीश रावत
हरीश रावत ने लिखा कि बुरी पराजय के बावजूद भी मैंने 2017 में हौसला नहीं छोड़ा, पराजय के दूसरे दिन से ही मैं लोगों के विश्वास को जीतने में और कार्यकर्ताओं के मन में उत्साह भरने में जुट गया। परिणाम सार्थक हैं, आज उत्तराखंड, सरकार में परिवर्तन लाने के लिए उत्सुक दिखाई दे रहा है, कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जोश हैं। पराजय में आप, मान-सम्मान गवाने के साथ-साथ, कभी-कभी दोस्तों को भी गवाते हैं, बहुत सारे लोग जिनका मेरे राजनीतिक जीवन की यात्रा में बड़ा योगदान रहा, उनका सहयोग मेरी राजनीति में सहायक रहा। आज मेरे साथ पहले की तरह मित्रवत भाव में खड़े नहीं हैं, राजनीति में ऐसा संभव है। लोग आगे बढ़ने के लिए हमेशा आपके साथ चलें यह संभव ही नहीं है, मार्ग बदलते हैं, साथी भी नए ढूंढे जाते हैं।
मैंने 2014 व 2015-16 में कुछ ऐसी गलतियां की-हरीश रावत
हरीश रावत ने आगे लिखा कि लगता है मैंने 2014 व 2015-16 में कुछ ऐसी गलतियां की हैं जिनका मुझे जनता ने भी दंड दिया और अब मेरे कुछ साथी भी मुझे अकल्पनीय स्थिति तक दंड देने को तैयार हैं। मैं नए वर्ष के आगमन के साथ राज्य की जनता-जनार्दन और अपने सभी सहयोगियों से भी प्रार्थना करना चाहूंगा कि जरा स्थितियों पर विचार करें, मेरे ऊपर आप गुस्सा हुए, मगर पिछले 5 वर्षों में राज्य को एक अक्षम सरकार मिली। उत्तराखंडियत की ओर बढ़ते हुए कदम रुक गए, लोगों के जीवन में आता हुआ बदलाव या तो ठहर गया या उसमें गिरावट आ गई, लोगों के कष्ट दूर होने के बजाय बढ़ गए, 5 साल राज्य को ऐसी सरकार मिली जो उत्तराखंड और उत्तराखंड के स्वाभिमान की रक्षा करने में अक्षम सिद्ध हुई है। हमारे साथियों को विचार करना चाहिए, हमारे सामने अवसर है कि हम एक व्यक्ति का दंड या एक व्यक्ति से कुछ गलतियां हुई हों, उनका दंड पार्टी को न दें।
लिखा कि मन में गहरा चिंतन करें कि क्या हम साथ चलते हुए पार्टी की स्थिति में बड़ा परिवर्तन ला सकते हैं! मैंने भी अपने मन में बहुत मंथन किया, मैंने पाया है कि मेरे लिए यह वर्ष 2022 में सबसे बड़ा उपहार हो सकता है कांग्रेस की सत्ता में पुनः वापसी, केवल इसलिए नहीं कि कांग्रेस सत्ता में आएगी बल्कि इसके साथ वह अध्याय भी बंद हो जाएगा, जिस पर मेरे माथे पर मुख्यमंत्री रहते दो हारों का कलंक या पार्टी विधानसभा में न्यूनतम संख्या का दंश छिपा हुआ है। मैं हर हालत में स्थिति को बदलना चाहता हूं, इसीलिए मैं प्रतिदिन अपनी सुबह को एक बाल सुलभ उत्साह के साथ शुरू करता हूं, मेरा वादा है कि हम सत्ता में वापसी के साथ उत्तराखंड को फिर से उसी गौरवपूर्ण संभावनाओं की ओर ले करके चलेंगे, जिस ओर चलते हुए हम उत्तराखंडियत के झंडे को बड़ी बुलंदियों तक लहरा सकते हैं, अपने साथियों से भी वादा करता हूं कि मैं पार्टी की 2022 की जीत के बाद उनके विश्वास को पुनः अर्जित करने का प्रयास करूंगा और हम एक स्पष्ट भागीदारी के साथ अपनी शक्ति का उपयोग राज्य के सर्वांगीण उत्थान और आम उत्तराखंडी के जीवन को सुखमय बनाने के लिए करेंगे। मैं इन्हीं भावनाओं के साथ वर्ष 2021 की विदाई और 2022 के आगमन के साथ आप सबको ढेर सारी शुभकामनाएं, ढेर सारी बधाइयां प्रेषित करता हूंँ।
“जय हिंद, जय उत्तराखंड-जय उत्तराखंडियत “

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