धरने पर बैठे हरीश रावत, अंकिता हत्याकांड में सरकार को घेरा

देहरादून में हरीश रावत धरने पर बैठ गए हैं। अंकिता हत्याकांड को लेकर किए गए जन आंदोलनों को नैतिक समर्थन देने और इसके साथ ही VIP के नाम का खुलासा करने की मांग को लेकर हरीश रावत ने धरना शुरु किया है।

दिन में लगभग 12 बजे के आसपास हरीश रावत देहरादून के गांधी पार्क पहुंचे और वहां धरना शुरु किया। इस दौरान उनके साथ उनके कई समर्थक भी मौजूद रहे। हरीश रावत का धरना पूरे 24 घंटे चलेगा। हरीश रावत अब 27 तारीख को दोपहर 12 बजे धरना खत्म करेंगे।

हरीश रावत ने धरने पर बैठने के साथ ही कई गंभीर आरोप लगाए हैं। हरीश रावत ने आशंका जता है कि सरकार किसी को बचाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा है कि जब अंकिता भंडारी ने अपने दोस्त को व्हाट्सएप मैसेज में लिखा कि मुझ पर वीआईपी को विशेष सेवा देने के लिए दबाव बनाया जा रहा है तो ऐसे में सरकार वीआईपी की थ्योरी को कैसे नकार सकती है।  वनंत्रा रिजॉर्ट के आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कर वीआईपी का पता लगाना चाहिए साथ ही अंकिता भंडारी का बलिदान संघर्षपूर्ण बलिदान है और मेरा यह पूरा धरना अंकिता भंडारी को समर्पित है।

हरीश रावत ने अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच न कराए जाने को लेकर भी सवाल उठाए हैं। हरीश रावत ने आशंका जताई है कि सरकार किसी खास आदमी को बचाने के लिए सीबीआई जांच से भाग रही है।

हरीश रावत ने कहा है कि उनके धरने का एक हिस्सा धूमकोट की रहने वाली किरन नेगी को समर्पित होगा जिसके आरोपी साक्ष्यों के अभाव में कोर्ट से छूट गए हैं।

बीजेपी ने बताया राजनीति

वहीं हरीश रावत के धरने पर बीजेपी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। बीजेपी के प्रवक्ता मनवीर चौहान ने कहा है कि हरीश रावत को हर बात पर राजनीति करने की आदत है। अंकिता कांग्रेस की बेटी नहीं थी बल्कि पूरे उत्तराखंड और देश की बेटी थी। मनवीर चौहान ने दावा किया है कि सरकार आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की पूरी कोशिश कर रही है।

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