हरिद्वार : कोरोना के चलते 83 साल में पहली बार हुआ ऐसा, मायूस हुए लोग

दशहरे पर्व पर covid -19 के चलते इस बार मेले का आयोजन प्रशासन द्वारा रद्द कर दिया गया है। इस बार सिर्फ रावण दहन कार्यक्रम कोविड़-19 के नियमों के आधार पर किया जाएगा जिसमें बहुत कम संख्या में लोग मौजूद रहेंगे। उपस्थिति सभी लोगों को मास्क वे सोशल डिस्टेंस व सेनेटाइजर का प्रयोग करना होगा। देहरादून की तरह हरिद्वार की तरह लक्सर में भी मेला नहीं लगेगा केवल पुतला दहन होगा वो भी सीमित लोगों की मौजूदगी में। इस बार दशहरा में लोगों में मायूसी छाई है खास तौर पर युवा और बच्चों में।

कोरोना काल के चलते नगर में पिछले 83 वर्ष में यह प्रथम बार होगा कि दशहरा-पर्व के उपलक्ष्य में लगने वाले मेले का आयोजन नहीं होगा। वैसे प्रोजेक्ट पर भी रामलीला पहली बार हो रही है।मगर सनातन-धर्म,तथा हिन्दू धर्म की परंपरा को कायम रखते हुए दशहरा-पर्व पर मेला नही लगेगा लेकिन रावण का दहन अवश्य किया जायेगा। इस अवसर पर रावण का पुतला बना रहे बिजनोर निवासी ठेकेदार राजू भाई ने बताया कि लक्सर में दहन करने के लिए रावण बनाने का काम वे पिछले चौबीस वर्षों से करते आ रहे हैं। उनके द्वारा पंजाब, चंडीगढ़, बिजनौर आदि जगहों पर रावण बनाने का काम किया गया।

रावण बना रहे  कारीगर नाजिम ने बताया कि रावण बनाना उनका पुश्तैनी काम है,रावण बनाना उन्होंने अपने बाप-दादा से सीखा है,और अब उनके द्वारा किया जा रहा है।इस वर्ष लक्सर के शुगर मिल परिसर में 45फुट का रावण बनाया जा रहा है।

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