हरदा का सरकार पर वार, बोले- वाह रे बीजेपी, ताकि आम के आम और गुठली के दाम मिल जाय

देहरादून : उत्तराखंड में बेरोजगारी चरम पर है। युवा रोजगार के लिए इधरःउधर भटक रहे हैं ऐसे में उत्तराखंड में भर्ती निकलना युवाओं के लिए किसी खजाने से कम नहीं है। जी हां ऐसा हुआ फॉरेस्ट गार्ड भर्ती में लेकिन युवाओं को फिर से निराशा हाथ लगी। रविवार को हुए फॉरेस्ट गार्ड भर्ती परीक्षा में डिवाइस से नकल कराई गई जिसमे कइयों पर मुकदमे दर्ज कराए गए। वहीं पर्चा भी आउट हुआ. जिससे उत्तराखंड में बवाल मच गया है औऱ सीएम ने दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की  बात कही है।

हरदा का त्रिवेंद्र सरकार पर वार

वहीं अब पूर्व सीएम हरीश रावत ने त्रिवेंद्र सरकार को घेरकर कई वार किए। हरदा ने एक बार फिर से सोशल मीडिया के जरिए त्रिवेंद्र सरकारके काम पर सवाल उठाया औऱ आऱोप लगाए। सीएम ने रोजगार कोलेकर भी त्रिवेंद्र सरकार को घेरा।

हरीश रावत की पोस्ट

हरीश रावत ने लिखा कि वाह रे बीजेपी, उत्तराखण्ड में तीन साल बाद बेरोजगारों को नौकरी मिलनी है, सरकारी पद खाली हैं, इसकी याद आयी और जब इम्तिहान करवाये, तो इम्तिहान करवाने से पहले पर्चा आउट कर दिया, तांकि आम के आम और गुठली के मिल जाय दाम, मतलब न करने पड़े काम और यह भी हो जाय देखो हमने तो पद निकाले और भर रहे हैं। यह जो लीक किया गया है, यह सुनियोजित तरीके से पर्चा लीक किया है, तांकि ये नौजवान लटके रहें, उनको नौकरियां न देनी पड़े।

वन विभाग में फॉरेस्ट गार्ड की भर्ती परीक्षा में नकल का मामला

बता दें कि वन विभाग में फॉरेस्ट गार्ड की भर्ती परीक्षा में संगठित तरीके से नकल कराने का आरोप लगाया गया था। रविवार को हुई फॉरेस्ट गार्ड भर्ती के लिए प्रदेश में 188 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे जहां करीब एक लाख अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी। परीक्षा के बाद शाम को ओआरएम शीट और प्रश्नपत्र सोशल मीडिया में वायरल हो गए। बाद में इसकी जांच साइबर थाने को सौंपी गई।

रुड़की के एक कोचिंग सेंटर ने कुछ अभ्यर्थियों को डिवाइस देकर पेपर देने भेजा था

रुड़की के एक कोचिंग सेंटर ने कुछ अभ्यर्थियों को डिवाइस देकर पेपर देने के लिए भेजा था। बाहर से कोचिंग सेंटर से जुड़े लोगों ने अभ्यर्थियों को सवालों के जवाब बताए थे। इस मामले में एसटीएफ ने रुड़की और पौड़ी में मुकदमे दर्ज कराए हैं।

स्पेशल टास्क को मिली थी सूचना- रिद्धिम अग्रवाल

एसटीएफ की डीआइजी रिद्धिम अग्रवाल ने बताया कि स्पेशल टास्क को सूचना मिली थी कि बीते रविवार को हुई फॉरेस्ट गार्ड की परीक्षा में इलेक्ट्रानिक डिवाइस के जरिये नकल कराई गई। साथ ही पता चला कि इसके लिए अभ्यर्थियों से पांच से आठ लाख रुपये तक लिए गए हैं। इस पर टीम को मामले की जांच में लगाया गया। जांच के दौरान एसटीएफ ने जब रुड़की में पूछताछ की तो पता चला कि ओजस्व कॅरियर कोचिंग सेंटर के संचालक मुकेश सैनी ने परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों को मोबाइल फोन और इलेक्ट्रानिक डिवाइस के जरिये प्रश्नों के उत्तर बताए।

बताया कि अभ्यर्थियों को पहले से ही इलेक्ट्रानिक डिवाइस लेकर परीक्षा केंद्र में भेजा गया था। जैसे ही प्रश्नपत्र सामने आया, अभ्यर्थियों ने सवाल बताने शुरू किए और दूसरी तरफ से उन्हें उत्तर बताए गए। आरोप है कि इस काम के लिए आरोपितों ने अभ्यर्थियों से पांच से आठ लाख रुपये तक वसूले। इस मामले में एसटीएफ की ओर से आरोपित कोचिंग संचालक मुकेश सैनी के खिलाफ रुड़की और पौड़ी में मुकदमे दर्ज कराए गए हैं।

रुड़की और पौड़ी में हुई थी नकल, मुकेश सैनी के खिलाफ पहले से दर्ज हैं मुकदमे

डीआइजी ने बताया कि जांच के दौरान रुड़की और पौड़ी में डिवाइस से नकल कराने की बात सामने आई है। कुछ छात्रों ने पूछताछ में माना है कि वह डिवाइस लेकर परीक्षा केंद्र में गए थे। बाहर से उन्हें मदद की गई। बताया कि आरोपित मुकेश सैनी के खिलाफ पहले भी मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। आरोपित ने 2015-16 में इसी तरह नकल करवाई थी। तब उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। उस समय वह जेल भी गया था। इसके बाद 2018 में हुई परीक्षा में भी आरोपित पर नकल करवाने का आरोप था। लेकिन साक्ष्य नहीं मिलने के कारण मामले में फाइनल रिपोर्ट लगा दी गई।

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