लापता जवान के पिता से मिले हरदा, बोले-पाक से रिश्ता ठीक नहीं, क्या पता नहीं बता रहे हों

चमोली : चमोली जिला निवासी जवान राजेंद्र 8 फरवरी की रात से अपनी पोस्ट से लापता है। कहा जा रहा है कि वो बर्फ में फिसलकर पाकिस्तान सीमा पर जा पहुंचे. वहीं इसके बाद परिवार की धड़कनें बढ़ गई है और पूरे प्रदेश की जनता का सब्र का बांध टूट रहा है। क्योंकि आज जवान को लापता हुए 14 दिन हो गए हैं लेकिन कुछ पता नहीं चल पाया है।

हरदा बोले- हो सकता है कि जवान उनको मिल गया हो लेकिन वो बता नहीं रहे हों

वहीं सरकार के पास इतना समय नहीं था कि जवान के परिवार से मिल सकें लेकिन ये काम कर दिखाया अक्सर चर्चाओं में रहने वाले पूर्व सीएम हरीश रावत. जी हां हरीश रावत बीते दिन कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ जवान के गांव पहुंचे और उनके परिवार से मुलाकात का ढांढस बंधाया। हरदा ने इस दौरान पिता को सबको हिम्मत देने को कहा। हरीश रावत ने कहा कि पाक से भारत के तालुक्कात ठीक नहीं है , हो सकता है कि जवान उनको मिल गया हो लेकिन वो बता नहीं रहे हों।

8 जनवरी से लापता, बीवी से की थी आखिरी बार बात

गौरतलब हो बीते दिनों 11वीं गढ़वाल राइफल्स का यह जवान वर्तमान में जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग में तैनात था जो बीती 8 जनवरी को वह बर्फ में फिसलकर पाकिस्तान सीमा में पहुंच गया था। सैन्य टुकड़ी रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर लापता जवान की खोजबीन में जुटी हुई है। सही जानकारी नहीं मिलने से जवान के परिजन दिन-रात परेशान हैं औऱ उनके सब्र का बांध टूट रहा है।

सोशल मीडिया आग की तरह फैल रही जवान के वतन वापसी की मांग

परिवार वाले, पूरा गांव और प्रदेश की जनता हवलदार राजेंद्र सिंह नेगी की सकुशल वतन वापसी की मांग कर रही है और ये मांग सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रही है। हर किसी का कहना है कि विंग कमंडर अभिनंदन के समय तो पूरा देश एक हो गया था लेकिन एक सिपाही के लिए ये आवाज क्यों नहीं उठाई जा रही है। देश-प्रदेश की जनता अभिनंदन की तरह राजेंद्र की भी वतन वापसी की मांग कर रहे हैं. कुछ लोग सोशल मीडिया पर भड़ास निकालते हुए कहा रहे हैं कि चुनाव नहीं है इसलिए सरकार चुप है।

पत्नी बच्चे देहरादून में रहते हैं

लोग फेसबुक, व्हट्सएप आदि पर जवान की वतन वापसी के लिए दुआ कर रहे हैं। हवलदार राजेंद्र सिंह नेगी मूलरूप से जनपद चमोली के आदिबद्री क्षेत्र के पजियाणा गांव के रहने वाले हैं। वर्तमान में उनकी पत्नी व तीन बच्चे अंबीवाला स्थित सैनिक कॉलोनी में रहते हैं। वह वर्ष 2002 में गढ़वाल राइफल्स में भर्ती हुए थे। वर्तमान में उनकी पोस्टिंग गुलमर्ग में थी। जहां पर पिछले दिनों भारी बर्फबारी हुई है और सामने ही पाकिस्तान की सैन्य पोस्ट भी है। आशंका व्यक्त की जा रही है कि गश्त के दौरान वे फिसलकर पाकिस्तान सीमा जा गिरे हैं।

जवान की यूनिट के अधिकारियों से मिल रही सूचना से भी परिजन संतुष्ट नहीं हैं। हवलदार राजेंद्र के भाई की टेलीफोन पर यूनिट के एज्युडेंट से बात हुई है। जिन्होंने बताया कि जवान की खोजबीन जारी है। जवान के परिजनों का कहना है कि यदि उन्हें जल्द ही सही सूचना नहीं मिलती है तो वह दिल्ली जाएंगे।

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