उत्तराखंड: राजधानी में पहली बार होगा ऐसा, स्पेशल इफेक्ट से खाक होगा रावण 

देहरादून: दशहरा पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत के रूप में मनाया जाता है। इस पर्व को लोग उत्साह और खास अंदाज में मनाते हैं। राजधानी देहरादून में भी इस बार खास तरह से रावत को जलाया जाएगा। लक्ष्मण चौक वेलफेयर सोसाइटी की ओर से हिंदू नेशनल इंटर कॉलेज के मैदान में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में 55 फीट ऊंचे रावण का दहन किया जाएगा।

यहां रावण आग से नहीं बल्कि लाइटिंग के स्पेशल इफेक्ट से जलेगा। देहरादून में ऐसा पहली बार किया जा रहा है। सोसाइटी के मीडिया प्रभारी सिद्धार्थ बंसल ने बताया कि विजयदशमी के दिन भव्य आतिश बाजी, सांस्कृतिक कार्यक्रम व दशहरे मेले का आयोजन किया जाएगा।

सांस्कृतिक कार्यक्रम में दून के बच्चों के साथ ही दिल्ली, मुंबई के कलाकार मनमोहक प्रस्तुति देंगे। पहली बार स्पेशल इफेक्ट के साथ रावण दहन किया जाएगा, जो आकर्षण का केंद्र होगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बतौर मुख्य अतिथि और सोसाइटी के संरक्षक व राज्यसभा सांसद नरेश बंसल शिरकत करेंगे।

हरिद्वार जिले में अलग-अलग 23 से अधिक स्थानों पर इस बार दशानन के पुतलों का दहन किया जाएगा। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था चौक-चौबंद कर ली है। दशहरा पर आज जिलेभर में मेले का आयोजन होगा। रावण दहन और मेला देखने भारी भीड़ उमड़ेगी। ऐसे में पुलिस ने मेला स्थलों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।

ऋषिकेश के त्रिवेणीघाट पर दशहरा पर्व प्रतीकात्मक रूप से मनाया जाएगा। कोरोना के चलते बीते वर्ष की तरह इस बार भी त्रिवेणीघाट पर रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतले का दहन नहीं होगा। प्रतीकात्मक रूप से पूजा अर्चना कर, रावण का छोटा पुतला बनाकर उसे गंगा नदी में प्रवाहित किया जाएगा।

इस बार रामलीला समिति ने कोविड महामारी के चलते कुंभकरण और मेघनाथ के बजाय कोरोना वायरस का पुतला बनाया। वहीं, पिछले साल की अपेक्षा रावण का पुतला छोटा बनाया गया है। नेहरू स्टेडियम में आज रावण के साथ कोरोना वायरल का पुतला धू-धूकर जलेगा।

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