हल्द्वानी : लंबे इंतजार के बाद मिला इंसाफ, गैंगरेप के आरोपियों को उम्रकैद की सजा

हल्द्वानी। उत्तराखंड में भी रेप-गैंगरेप के मामले सामने आने लगे हैं। पहाड़ हो या मैदान आए दिन दुष्कर्म और गैंगरेप के मामले सामने आने से हर कोई हैरान है। ऐसा ही वाक्या 2018 में हल्द्वानी में हुआ था। तीन युवकों ने गैंगरेप को अंजाम दिया था। लंबे इंतजार के बाद अब पीड़िता को न्याय मिला और उसके साथ दरिंदगी करने वालों को सजा सुनाई गई।

बता दें कि हल्द्वानी में द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नसीम अहमद की अदालत ने सामूहिक दुष्कर्म के मामले में तीन युवकों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही तीनों पर एक-एक लाख अर्थदंड भी लगाया है।

आपको बता दें कि मामला अक्तूबर 2018 का है। छोटी मुखानी स्थित जज फार्म निवासी अमित रावत ने अपने साथ पढ़ने वाली छात्रा को कोचिंग के बारे में बात करने के बहाने अपने घर बुलाया। अमित ने छात्रा से कहा कि उसके घर में और भी लड़कियां है। अमित के बुलाने पर छात्रा उसके घर पहुंची तो वहां कोई अन्य छात्र छात्राएं नहीं थी। अमित ने उससे कहा कि अन्य छात्राएं आ रही है जिसके बाद अमित ने कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ पिला दिया जिससे वो बेहोश हो गई। अमित ने अपने दो दोस्तों हीरानगर स्थित जेल कैंपस निवासी मंगलम शर्मा और देवलचौड़ निवासी शिवांश चौहान के साथ छात्रा के साथ दुष्कर्म किया। इतना ही नहीं तीनों ने छात्रा की अश्लील वीडियो भी बनाई और वायरल करने की धमकी देते रहे।

वहीं पीड़िता के पिता की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने धारा 328, 376 (घ), 506, 67 आईटी के तहत तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। मुकदमे की विवेचना तत्कालीन थाना प्रभारी विक्रम सिंह राठौर और उपनिरीक्षक प्रीति सिंह ने की। अभियोजन पक्ष ने अदालत के समक्ष सात गवाहों को पेश किया। अदालत ने सुनवाई के बाद अमित रावत, मंगलम और शिवांश को सामूहिक दुष्कर्म का दोषी ठहराया। अधिवक्ता ने बताया कि कोर्ट ने आरोपियों को अलग-अलग धाराओं में अलग सजा सुनाई है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here