हल्द्वानी : कर्मचारियों ने दी सरकार और वन विभाग को उग्र आंदोलन की चेतावनी

हल्द्वानी : प्रदेश की डबल इंजन सरकार लोगों को रोजगार देने के बजाय बेरोजगार करने में जुटी है। ताजा मामला हल्द्वानी वन विभाग का है जहां डीएफओ कार्यालय में आउटसोर्स के माध्यम से तैनात डेढ़ सौ दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को निकाल दिया गया है। निकाले गए सभी कर्मचारी पिछले 15 सालों से वन विभाग में वनों की रक्षा और अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए रखे गए थे। दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी वन विभाग से निकाले जाने के बाद सड़क पर आ गए हैं और उनका परिवार दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर है। सरकार और शासन से गुहार लगाने के बावजूद इन कर्मचारियों की कोई सुध नहीं ले रहा है।

हल्द्वानी में पिछले 1 सप्ताह से आंदोलन कर रहे दैनिक दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री के जनसंपर्क अधिकारी विजय बिष्ट के सामने भी अपनी समस्या रखी विजय बिष्ट ने मामले से मुख्यमंत्री को अवगत कराकर कर्मचारियों को दोबारा नौकरी पर रखवाने का आश्वासन दिया।

उधर डीएफओ नितीशमणि त्रिपाठी का कहना है कि शासन से उनको पत्र आया है कि आउट सोर्स से भर्ती हुए सभी कर्मचारियों को हटाकर उपनल के माध्यम से भर्ती की जाए। ऐसे में पिछले 15 सालों से वन विभाग में दैनिक वेतन भोगी के रूप में कार्य कर रहे कर्मचारी आज अपने परिवार को पालने में असमर्थ और असहाय हैं। लेकिन सरकार उनके लिए कोई रास्ता भी निकालने को तैयार नहीं है। हालांकि कर्मचारी अब सरकार और वन विभाग के खिलाफ उग्र आंदोलन करने की चेतावनी दे रहे हैं।

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