

चंपावत : चंपावत के साल 2021 में सबसे बड़ा मु्द्दा को छाया वो था अनूसूचित जाति की सुनीता देवी का जिसके हाथ का खाना स्कूल के एक जाति के बच्चों ने नहीं खाया। वो घर से खाना लाते थे। मामला गर्माया औऱ सुनीता देवी को हटा दिया गया। जिसके बाद सुनीता देवी ने इसकी शिकायत शासन प्रशासन से की।
लेकिन साल 2021 के जाते जाते अंतिम दिन सुनीता के लिए अच्छी खबर आई हैष शुक्रवार को सूखीढांग जीआईसी से सुनीता को लेकर बड़ी खबर है। यहां की भोजनमाता नियुक्ति विवाद सुलझ गया है। शिक्षाधिकारियों की मौजूदगी में स्कूल प्रबंधन समिति और अभिभावक-शिक्षक संघ की बैठक में अध्यक्ष नरेंद्र जोशी ने भोजनमाता के रूप में पुष्पा भट्ट का नाम रखा। इस पर सहमति नहीं बनने के कारण नियमों के तहत अनुसूचित जाति की सुनीता देवी का चयन भोजनमाता के लिए कर लिया गया। सीईओ आरसी पुरोहित ने कहा कि सुनीता देवी के नाम को औपचारिक अनुमोदन के लिए ब्लॉक शिक्षा कार्यालय भेजा जाएगा।
इससे पूर्व बैठक में शंकुलता देवी को हटाने का प्रस्ताव पारित किया गया। शकुंतला को हटाए जाने की प्रक्रिया में तकनीकी खामी होने के कारण इसे ठीक करने के लिए यह प्रस्ताव लाया गया। शकुंतला ने अक्तूबर में कार्य करने में असमर्थता जताते हुए प्रधानाचार्य को पत्र भेजा था। इसी के साथ अब भोजनमाता नियुक्ति विवाद का पटाक्षेप हो गया। डीईओ (प्रारंभिक शिक्षा) सत्यनारायण, बीईओ एमएन तिवारी, प्रधानाचार्य प्रेम सिंह ने कहा कि विवाद के निपटने के साथ ही अब शैक्षिक माहौल को बेहतर करने पर जोर दिया जाएगा। बैठक में ग्राम विकास अधिकारी रोहित कुमार, चल्थी चौकी प्रभारी देवेंद्र सिंह बिष्ट, एएनएम रीना राणा भी मौजूद थे।