अच्छी पहल- राज्य मुख्य सचिव ने जो किया, आओ हम सब करें

देहरादून- सूबे के मुख्यमंत्री से पहले राज्य के मुख्य सचिव ने पानी बचाने की पहल की है। दरअसल जल ही जीवन है, बिन पानी सब सून, और रहिमन पानी रखिए जैसी दसियों बाते हमें पानी की अहमियत बताती हैं।

बावजूद इसके गंगा-यमुना जैसी नदियों और तमाम नौले-धारों के मुल्क उत्तराखंड में अलग राज्य बनने के बाद पानी के हालात बेहद खराब हो गए हैं।

कहीं बड़े बांधों की सुरसा पानी को लील रही है तो कही अनियोजित विकास के खांचे पर पर्यावरण की कुर्बानी ने देवभूमि को प्यासा बना दिया है। लिहाजा मौके की नजाकत को भांपते हुए उत्तराखंड सरकार ने अपनी कमर कस दी है।

भूमिगत जल स्तर बढाने के लिए जहां सरकार ने एक महीने के भीतर ढाई हजार तालाब बनाने का तारगेट रखा है वहीं एक हजार जलस्रोंतों को पुनर्जीवित करने का लक्ष्य भी रखा है।

बहरहाल आज जल संरक्षण दिवस पर सूबे के मुख्यसचिव एस रामास्वामी से जल संरक्षण के लिए एक बड़ी पहल की है। मुख्य सचिव ने एस.रामास्वामी ने सिस्टर्न में रेत भरी बोतल डाली। इस तकनीक से पानी का फोर्स तो वहीं रहेगा लेकिन पानी कम इस्तमाल होगा।

माना जा रहा है कि मुख्यसचिव से प्रेरणा लेकर अगर सूबे के सभी सरकारी दफ्तरों में ये नुस्खा अपनाया जाएगा तो सालभर में प्रदेश में कई लाख लीटर पानी बच जाएगा।

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