घनसाली : PPP मोड पर चलने वाला स्वास्थ्य केन्द्र बीमार, सेवाएं बदहाल, CMO ने पाई कई खामियां

टिहरी गढ़वाल : पीपीपी मोड पर चलने वाले घनसाली विधानसभा क्षेत्र स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेलेश्वर में स्वास्थ्य सुविधाओं का टोटा है। अस्पताल की स्थिति बदहाल है। अस्पताल खुद बिमार है तो ऐसे में मरीज अस्पताल से कैसे बेहतर इलाज की उम्मीद ऱख सकता है। पीपीपी मोड पर चलने वाला अस्पताल मात्र रेफरिंग सेंटर बनकर रह गया जिससे लोगों में रोष हैं। लोगों को इलाज के लिए मैदानी जिलों का रुख करना पड़ता है। यात्रा के दौरान ही मरीज की आधी हालत खस्ता हो जाती है तो ऐसे में आखिर कब तक रेफर-रेफर का खेल चलेगा।

सीएमओ ने किया निरीक्षण, पाई गई कई खामियां

जी हां इसका खुलासा तब हुआ जब टिहरी गढ़वाल सीएमओ डॉ मीनू रॉवत ने सामुदायिक स्वास्थ्य़ केंदेर बेलेश्वर का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कई खामियां नजर आई जिससे सीएमओ खफा हो गईं. सीएमओ के साथ डॉक्टर श्याम विजय मौजूद रहे। बता दें कि इस दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेलेश्वर की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्थाओं और उसे सुधारने को लेकर युवाओं ने मोर्चा खोलते हुए धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी।

युवाओं ने किया सीएमओ का घेराव

बता दें कि टिहरी सीएमओ मीनू रावत के निरीक्षण के दौरान स्थानीय युवाओं ने अस्पताल की बदहाल व्यवस्था का मुद्दा उठाते हुए हल्ला बोल किया और सीएमओ का घेराव किया. युवाओं ने सीएमओ को अस्पताल की खामियों से अवगत कराया औऱ जनका की समस्याओ के बारें में बताया। साथ ही युवाओं ने अस्पताल में अन्य चीजों की जांच पड़ताल करने की बात कही। सीएमओ ने युवाओं के अनुग्रह पर सभी दास्तावेजों को मंगा कर जांच पड़ताल की।

स्पेसिलिस्ट डॉक्टरों की मांग अभी तक नहीं हो पाई पूरी

इस दौरान स्थानीय लोगों और धरने की चेतावनी देने वाले युवाओं ने बताया कि इस अस्पताल के लिए एमओयू की तय शर्तो में अनुसार स्पेसिलिस्ट डॉक्टरों की मांग अभी तक पूरी नही हो पाई है जिस कारण लोगों को इलाज के लिए बाहर के जिलों की ओर रुख करना पड़ता है। इस कारण स्थानीय लोगों में काफी समय से रोष पनप रहा है. जिसको लेकर अब युवाओं और स्थानीय लोगों ने धरना प्रदर्शन का मन बना लिया है।

इस दौरान आशीष जोशी ने बताया कि कल से सामुदायिक स्वाथ्यय केंद्र बेलेश्वर में स्वास्थ्य सुविधाओं की समुचित व्यवस्था ना होने के कारण धरना शुरू किया जाएगा जिसमें कई स्थानीय लोग जुडेंगे। वहीं सुविधाओ की कमी पर टिहरी सीएमओ डॉ मीनू रॉवत ने तुरंत व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए। साथ ही अस्पताल की स्वास्थ्य सुविधाओं की जांच कर तुरंत हर कमी को पूरा करने के निर्देश दिए।

एक समन्वय बैठक की मांग

वहीं इस मौके पर युवा नेता प्रशांत जोशी ने सीएमओ टिहरी से तुरंत ही एक समन्वय बैठक की मांग की जिसमे पीपीपी मोड़ के प्रोजेक्ट मैनेजर माधवन, जिला प्रशासन , मुख्य चिकित्साधिकारी टिहरी , स्थानीय जनप्रतिनिधि ,सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय लोग मौजूद रहेंगे जिससे अस्पताल की सभी तरह की कमियों को शीघ्र ही दुरस्त किया जाए।

सीएमओ ने की सप्ताह के अंदर बैठक आयोजित करने की बात

वहीं सीएमओ टिहरी ने तुरंत ही इस बात का संज्ञान लेते हुए एक सप्ताह के अंदर बैठक आयोजित करने की बात कही। इसके अलावा सीएमओ टिहरी ने तुरंत ही एक सरकारी चिकित्साधिकारी की व्यवस्था इस अस्प्ताल में पीपीपी मोड़ पर चल रहे अस्पताल प्रबंधन की व्यवस्था की सही देखरेख और समय समय पर जांच के साथ -साथ उनके द्वारा स्वयं भी जांच की बात कही।

बता दें कि यह पहला मौका था जब सीएमओ टिहरी ने बेलेश्वर अस्पताल के प्रबंधन पर खुलकर बात की। वहीं कल से युवाओं और लोक संवर्द्धन समिति से जुड़े लोगों ने पीपीपी मोड़ अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ धरना प्रदर्शन का आहवान किया है।

अब देखने वाली बात यह होगी कि सीएमओ द्वारा दिए गए निर्देशों पर कितना अमल किया जाता है और उनकी कही बात कितनी रंग लाती दिखती है? या ऐसे ही राज्य में हड़ताल कर अपनी बातों को राज्य की जनता रखने पर मजबूर होगी? क्या हड़ताल औऱ प्रदर्शन कर ही राज्य की चिकित्सा व्यवस्था औऱ अस्पतालों की बदहाल स्थिति सुधरेगी?

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