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पूर्व सीएम हरीश रावत ने धामी सरकार पर उठाए सवाल, कहा-लालू के फार्मूले पर कर रही काम

पूर्व सीएम हरीश रावत ने धामी सरकार को काम करने पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा है कि धामी सरकार लालू के फार्मूले पर काम कर रही है। इसके साथ ही उन्होंने सरकार के फैसलों को लेकर भी सवाल उठाए हैं।

लालू के फार्मूले पर काम कर रही धामी सरकार

पूर्व सीएम हरीश रावत ने धामी सरकार की ओर से ग्लोबल मैकेंजी कंपनी के सुझावों पर काम करने को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा है कि यह ठीक वैसा ही है जैसा लालू प्रसाद यादव किया था।

लालू प्रसाद यादव ने रेल मंत्री रहते हुए रेलवे की जमीनों को बेचकर भारतीय रेलवे को मुनाफे में ला दिया था। जिसके बाद इसके दुष्परिणाम रेलवे को भुगतने पड़े थे। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि ये फार्मूला राज्यहित में नहीं है।

हल्द्वानी में हाईकोर्ट बनने से पूरा कुमाऊं अंचल हो जाएगा चोक

हरीश रावत ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा किया है। जिसमें उन्होंने कहा है कि कंपनी के सुझाव में सरकार हल्द्वानी में हाईकोर्ट बनाने की बात कह रही है। लेकिन ऐसा होने से हल्द्वानी पूरी तरह से चोक हो जाएगा। इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि हल्द्वानी के चोक होने का मतलब है कि पूरा कुमाऊं अंचल ही चोक हो जाएगा।

दून के रायपुर की तुलना छत्तीसगढ़ के नए रायपुर से नहीं कर सकते

हरीश रावत ने कहा कि राजधानी देहरादून में भी सरकारी कार्यालयों की संपत्तियों को बेचकर रायपुर में नया कांप्लेक्स बनाने की बात हो रही है। लेकिन देहरादून के रायपुर की तुलना छत्तीसगढ़ के नए रायपुर से नहीं की जा सकती है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में नया रायपुर बन रहा है वो हजारों एकड़ भूमि में बन रहा है। और देहरादून में हम एक मुट्ठी भर भूमि में रायपुर में सारे सरकारी कार्यालयों, सचिवालय, विधानसभा आदि को सीमित कर देना चाहते हैं। वो भी इसलिए ताकि देहरादून के आवागमन का सारा रास्ता चोक हो जाए। इस से तो देहरादून पहले से भी ज्यादा समस्या ग्रस्त हो जाए।

भू-कानून मामले में फिर से सो गई है जनता और सरकार

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि पूरे राज्य में कल तक भू-कानून का शोर था। लेकिन अब फिर से जनता और सरकार दोनों सो गई है। उन्होंने कहा कि सरकार शायद तब नया भू-कानून लेकर आएगी जब प्रदेश में गांव-गांव की जमीन बिक जाएगी।

इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि सरकार को अच्छा लग रहा है कि जमीनें बिक रही हैं। प्रति व्यक्ति औसत आमदनी बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि भू-कानून के लिए सिर्फ अल्मोड़ा से आवाज उठ रही है। लेकिन इसके लिए आवाज को पूरे राज्य से उठना चाहिए।

Yogita Bisht

योगिता बिष्ट उत्तराखंड की युवा पत्रकार हैं और राजनीतिक और सामाजिक हलचलों पर पैनी नजर रखती हैंं। योगिता को डिजिटल मीडिया में कंटेंट क्रिएशन का खासा अनुभव है।
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