उत्तराखंड में पहला मामला, सड़क पर ई-रिक्शा दौड़ाता मिला 9 साल का बच्चा, सीज

देहरादून : देहरादून की सड़कों पर एक 9 साल का बच्चा ई-रिक्शा दौड़ा दिखा जबकि देहरादून के मुख्य सड़कों पर ई-रिक्शा चलाना बैन है. ये तो हुई शहर के नियम की बात. दूसरी बात नए व्हीकल एक्ट के तहत नाबालिग द्वारा ई-रिक्शा चलाना जुर्म है ऐसे में 8 साल का बच्चा सड़क पर ई-रिक्शा दौड़ा रहा जिससे वो यात्रियों की भी जान खतरे में डाल रहा है और साथ ही उसके परिजन अपने बच्चा को जुर्म करने पर मजबूर कर रहे हैं.

ई-रिक्शा चलाते पकड़ा गया 9 साल का बच्चा

जी हां ताजा मामला देहरादून के सहस्रधारा रोड बाइपास का है. जहां परिवहन विभाग चैकिंग कर रहा था और वहां परिवहन विभाग ने एक 9 साल के बच्चे को ई-रिक्शा चलाते हुए पकड़ा। जानकारी के तहत रिक्शा में 3 सवारी बैठी थी और नाबालिग उन्हें राजपुर की तरफ ले जा रहा था। परिवहन विभाग ने ई-रिक्शा सीज कर दिया और आरोपित के चालान को नए मोटर वाहन अधिनियम के तहत जुवेनाइल कोर्ट भेज दिया।

चौथी का छात्र है पकड़ा गया बच्चा

एआरटीओ प्रशासन अरविंद पांडे ने बताया कि ई-रिक्शा चला रहा 9 साल का बच्चा चौथी कक्षा का छात्र है। वह दोपहर तक स्कूल में पढ़ता है और फिर उसके बाद उसके पिता उसे ई-रिक्शा चलाने के लिए भेज देते हैं जिसके बाद ई-रिक्शा को सीज कर लिया गया है.

उत्तराखंड में पहला मामला

एआरटीओ के अनुसार नाबालिग के वाहन चलाते पकड़े जाने पर जुवेनाइल कोर्ट भेजने का यह उत्तराखंड का संभवत: पहला मामला है। नए एक्ट में प्रावधान है कि यदि नाबालिग वाहन चलाता हुआ पकड़ा जाता है तो वाहन स्वामी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगेगा। इसके साथ ही नाबालिग के अभिभावक को तीन साल तक की जेल का प्रावधान भी है।

 

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