बच्चों को बंधक बनाने वाले सुभाष के बाद उसकी पत्नी की मौत, सीएम पुलिस टीम को देंगे 10 लाख का ईनाम

फरुर्खाबाद : यूपी के फर्रुखाबाद में चोरी के मामले में फंसे हत्यारोपी ने गांव वालों से रंजिश के तहत गुरुवार को बेटी के जन्म दिन के बहाने 23 बच्चों को घर बुलाकर बंधक बना लिया। कथरिया गांव के एक मकान में तहखाने में रखे गए बच्चों को मुक्त कराने पहुंची स्वाट टीम पर छत से कई फायर किए। उसने दो सिपाहियों व मुखबिरी करने वाले ग्रामीण को सामने बुलाने की मांग की। कोतवाल पहुंचे तो उन पर भी फायरिंग की और हथगोला फेंका। कोतवाल व दीवान हथगोले की गिट्टी से जख्मी हो गए। हत्यारोपी ने पुलिस अधीक्षक और विधायक की मौजूदगी में समझाने को बढ़े ग्रामीणों पर फायर किया। ग्रामीण के पैर में गोली लगी। खबर है कि देर रात सभी बच्चों को पुलिस ने सुरक्षित बचा लिया और आरोपी सुभाष को घर में घुसकर मार गिराया। इसके अलावा सुभाष की पत्नी ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया है। सीएम योगी ने पुलिस को 10 लाख रुपए के ईनाम की घोषणा की है।

पुलिस को 10 लाख रुपए के ईनाम की घोषणा की

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डीजीपी समेत अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को तलब कर बच्चों को सकुशल मुक्त कराने व सिरफिरे को गिरफ्तार कर कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। सीएम योगी ने पुलिस को 10 लाख रुपए के ईनाम की घोषणा की है।

सूत्रों ने बताया कि सुभाष बाथम (40) अपने मौसा मेघनाथ की हत्या के आरोप में उम्रकैद की सजा पा चुका है। घर में चोरी करने की शिकायत पर उसने साल 2001 में मौसा की हत्या कर दी थी। 2005 में उसे उम्रकैद हुई। 10 साल जेल में रहने के बाद हाईकोर्ट से उसे जमानत मिल गई। करीब तीन महीने पहले एसओजी ने फतेहगढ़ में हुई चोरी के आरोप में उसे जेल भेज दिया। वहां से डेढ़ माह पूर्व जमानत पर छूटा। खुद को फंसाने के शक में उसने पुलिस व ग्रामीणों से बदला लेने की योजना बनाई और इस घटना को अंजाम दिया।

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