
पिथौरागढ: पिछले साल आई आपदा से पिथौरागढ़ जिले के कई हिस्सों में भयंकर तबाही हुई थी। जिले में अलग-अलग जगहों पर काफी नुकसान हुआ था। आलम यह है कि सरकार लगातार आपदा के हालातों से निपटने के दावे कर रही है, जबकि अब तक पिछले साल की आपदा से हुई बदहाली से ही नहीं उभर पाए हैं। लोग आज भी मौत से हर रोज दो-दो हाथ कर रहे हैं।
जिले के दुर्गम क्षेत्र के हालात एक साल बाद भी जस के तस बने हुए हैं। ग्राम तीजम-सुमदुम के हालात अब तक बदहाल हैं। ग्रामीण आज भी बल्लियों के सहारे खुद के बनाए पुल को उफनती नदी से आर-पार करते हैं। कर्तो के ग्रामीणों के लिए आज तक स्थाई पुलिया का निर्माण नहीं हो सकता है।
पिछले साल की आपदा में यहां बनी पुलिस बह गई थी। तब से ही ग्रामीण लगातार पुलिया निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। जब भी बारिश होती है, लोग गांव में ही कैद होकर रहे जाते हैं। गांव से सड़क तक आने का यह एकमात्र रास्ता है। ऐसे में ग्रामीण हर रोज अपनी जान जोखिम में डालने को मजबूर हैं।
