राजनीति में नहीं सामाजिक कार्यों में थी दिलचस्पी, मैनें कभी नहीं सोचा था मैं सीएम बनूंगा : CM त्रिवेंद्र रावत

देहरादून : स्वामी विवेकानंद की 157वीं जयंती पर बीते दिन शानिवार को दो दिवसीय कार्यक्रम उत्तराखंड यंग लीडर्स कॉन्क्लेव 2020 का शुभारंभ ओएनजीसी ऑडिटोरियम में हुआ। इसका उद्घाटन सीएम ने किया था। वहीं लीडर्स कॉन्क्लेव 2020 के दूसरे दिन के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने शिरकत की।

मैं राजनीति में नहीं आना चाहता था-सीएम

इस कार्यक्रम में अपने संबोधन में सीएम त्रिवेंद्र रावत ने अपने राजनीति जीवन के बारे में बात करते हुए कहा कि मैं राजनीति में नहीं आना चाहता था मेरी सामाजिक कार्यो में मेरी दिलचस्पी थी. सीएम ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के साथ जुड़कर मैं काम करना चाहता था लेकिन मुझे भाजपा संगठन की जिम्मेदारी निभाने के लिए कहा गया। आगे सीएम ने कहा कि पार्टी के लिए काम करते करते पार्टी ने मुझे विधायक का टिकट भी दे दिया औऱ 2002 में जब मैं विधायक बना तब जाकर मैंने पार्टी की सदस्यता ली।

दिल्ली से फोन आने से आधा घंटा पहले भी मैनें सीएम बनने का नहीं सोचा था-सीएम

सीएम ने कहा कि विधायक बनने से पहले मैंने बिजेपी की सदस्यता नहीं ली थी। मैंने कभी नही सोचा था कि मैं मुख्यमंत्री बनूंगा. सीएम ने कहा कि जब मुझे दिल्ली से मुख्यमंत्री बनाने के लिए फोन आया उससे आधा सेकेंड पहले भी मैंने मुख्यमंत्री बनने के लिए नहीं सोचा था।

पलायन रोकने के लिए सीमांत ब्लॉक के विकास लिए बजट जारी किया-सीएम

इस दौरान मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पायलन को सतत प्रक्रिया बताया। सीएम ने कहा कि उत्तराखंड में पलायन रोकने के लिए सीमांत ब्लॉक के विकास लिए बजट जारी किया। तनाव लेने से कभी समस्या का समाधान नहीं होता।

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