दोस्त बने जानी दुश्मन, सही कहते हैं- राजनीति में दुश्मनी कभी स्थायी नहीं होती

देहरादून : कहा जाता है कि राजनीति में दुश्मनी कभी स्थायी नहीं होती, आज दोस्त हैं तो कल दुश्मन, कल दुश्मन हैं तो परसो फिर दोस्त. वहीं इसका एक जीता जागता उदाहरण नए साल के पहले देहरादून में देखने को मिला।

जी हां एक दूसरे के दुश्मन माने जाने वाले भाजपा से निष्काषित खानपुर विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैम्पियन और झबरेड़ा से भाजपा विधायक देशराज कर्णवाल ने पुराने झगड़ों को खत्म कर इस बात को सही साबित किया। दोनों ने प्रेस वार्ता कर पुरानी दुश्मनी छोड़ दोस्ती की शुरुआत की औऱ एक दूसरे को गले लगाकर नए साल की शुभकामनाएं दी। साथ ही दोनों ने एक दूसरे के खिलाफ दर्ज किए मुकदमे वापस लेने की बात भी कही।

आखिर ये दोस्ती कितनी मजबूत औऱ कब तक टिकती है?

बता दें कि दोनों विधायकों की लड़ाई के चर्चा सोशल मीडिया से लेकर पूरे उत्तराखंड में मशहूर थे…दोनों ने एक दूसरे को मैदान-ए-जंग तक के लिए कह दिया था। लेकिन नए साल पर दोनों ने गिले सिकवे भुलाकर दोस्ती का हाथ बढ़़ाया है देखने वाली होगी कि आखिर ये दोस्ती कितनी मजबूत औऱ कब तक टिकती है?

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