Health

दिन में कई बार पीते हैं चाय?, शरीर में हो रही इस Vitamin की कमी! ना करें ये गलती

Vitamin B12 Deficiency: सुबह उठने के बाद से लेकर शाम को काम की थकान मिटाने तक, चाय हमारी लाइफस्टाइल का अहम हिस्सा बन चुकी है। चाय के दिवाने लोग दिनभर में कई बार चाय पी लेते हैं। अगर आप भी चाय पगलू है तो जरा संभल जाइए। आपकी ये आदत धीरे-धीरे आपके शरीर को काफी नुकसान पहुंचा रही है। जिसका आपको अंदाजा भी नहीं होगा। ज़्यादा चाय पीना सिर्फ आदत नहीं, बल्कि विटामिन B12(Vitamin B12) की गंभीर कमी की वजह भी बन सकता है।

चाय और विटामिन B12 की कमी Vitamin B12 Deficiency

चाय में मौजूद टैनिन्स नामक तत्व शरीर में विटामिन B12 के अवशोषण (absorption) को कम कर देते हैं। यही वजह है कि नियमित रूप से ज्यादा चाय पीने वालों में इस विटामिन की कमी देखी जाती है।

थकान और सुस्ती की समस्या

B12 की कमी होने से सबसे पहले एनर्जी लेवल कम होता है। शरीर जल्दी थक जाता है। काम करने की इच्छा नहीं होती और दिनभर सुस्ती बनी रहती है।

दिमाग पर असर

ये कमी सिर्फ शरीर ही नहीं बल्कि दिमाग को भी प्रभावित करती है। इससे याददाश्त कमजोर होने लगती है। फोकस करने में दिक्कत आती है। साथ ही कई बार मूड भी खराब रहने लगता है।

खून की कमी का खतरा

विटामिन B12 रेड ब्लड सेल्स बनाने में अहम भूमिका निभाता है। इसकी कमी से एनीमिया हो सकता है। जिससे कमजोरी, चक्कर आना और चेहरे का पीलापन जैसे लक्षण सामने आते हैं।

हड्डियां और मांसपेशियां भी होती हैं कमजोर

लंबे समय तक ज्यादा चाय पीने से हड्डियां और मांसपेशियां भी कमजोर होने लगती हैं। जोड़ों में दर्द, बॉडी पेन और कमजोरी की शिकायत बढ़ सकती है।

पाचन तंत्र पर असर

B12 की कमी पाचन से जुड़ी समस्याएं भी खड़ी कर देती है। ज्यादा चाय पीने वाले लोगों को गैस, एसिडिटी और कब्ज जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

क्या करें बचाव के लिए?

  • दिनभर में 1–2 कप से ज्यादा चाय न पिएं।
  • डाइट में दूध, पनीर, अंडे, दही और हरी सब्जियां शामिल करें।
  • हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं
  • जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से चेकअप कराएं।

Uma Kothari

उत्तराखंड की डिजिटल मीडिया से जुड़ी युवा पत्रकार उमा कोठारी इस समय खबर उत्तराखंड.कॉम के साथ काम कर रही हैं। उमा अलग-अलग बीट पर खबरें लिखती हैं, जिनमें देश-दुनिया की राजनीतिक गतिविधियों की अहम खबरें, मनोरंजन, खेल और ट्रेंड से जुड़ी अपडेट शामिल हैं। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करते हुए वे ट्रेंड और तथ्य दोनों का संतुलन बनाए रखती हैं, ताकि पाठकों तक सही और ज़रूरी जानकारी पहुंचे।
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