राज्य में नए पर्यटक स्थल खोज कर विकसित किए जायेंगे

पर्यटन बैठक
देहरादून,संवाददाता
– देखा जाए तो पर्वत और मैदानों में आबाद उत्तराखंड में सैकड़ों जगह ऐसी हैं जिनका पर्यटन के हिसाब से विकास किया जाए तो सैलानियों की आंखों में अपनी जगह बना सकती हैं। कोटद्वार का कण्वाश्रम भी उन्ही स्थानों में से एक है। कण्वाश्रम को तीर्थ पर्यटन के रूप में विकसित किया जा सकता है। ये वही आश्रम हैं जहां राजा दुष्यंत और शंकुतंला के बीच प्रेमांकुर फूटे थे। यही वो जगह है जहां चक्रवर्ती सम्राट राजा भरत ने जन्म लिया था। लिहाजा मुख्यमंत्री ने जंगलात महकमे, लोक निर्माण विभाग और एडीबी के अधिकारियों के साथ बैठक कर महकमों को निर्देशित किया कि कण्वाश्रम को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाय। उन्होंने कहा कि लैन्सडौन आने वाले पर्यटकों को कण्वाश्रम आकर्षित कर सकता है। इसके अलावा सीएम ने सलाह देते हुए कहा कि राज्य मे कई ऐसे स्थान हैं जिन्हें पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा सकता है। ऐसे स्थानों को चिन्हित कर उन्हें विकसित किया जाना चाहिए। वहीं सीएम ने अधिकारियों को आदेश दिये कि पाखरों-कालागढ़-रामनगर सड़क मार्ग को जल्द से जल्द तैयार किया जाए ताकि स्थानीय जनता आवागमन की सहूलियत से महरूम न रहे।

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