
देहरादून: उत्तराखंड में कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम की तैयारियों और प्रमुख सरकारी अस्पतालों में संदिग्ध मरीजों के आने पर उपचार व्यवस्थाओं को जांचने और परखने के लिए स्वास्थ्य महानिदेशक डाॅ. अमिता उप्रेती ने देहरादून के 3 प्रमुख अस्पतालों और मेडिकल काॅलेज का निरीक्षण किया। उन्होंने देहरादून के कोरोनेशन अस्पताल, गांधी शताब्दी नेत्र चिकित्सालय और दून मेडिकल काॅलेज के टीचिंग हाॅस्पिटल का निरीक्षण किया और कोरोना वायरस संक्रमण के लिये बनाये गये वार्ड में संदिग्ध मरीजों के आने की संभावना को देखते हुए आवश्यक निर्देश दिए।
डाॅ.उप्रेती ने कोरोनेशन और गांधी चिकित्सालय के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. वी.सी. रमोला और समस्त चिकित्सकों, फाॅर्मसिस्ट, स्टाॅफ नर्स और पैरामेडिकल स्टाॅफ के साथ बैठक भी की, जिसमें बताया गया कि कोरोना वायरस संक्रमण के संदिग्ध मरीज अस्पताल में उपचार के लिये आते हैं तो उन्हें क्या-क्या तैयारी रखनी चाहिए और किस प्रकार सुरक्षात्मक उपायों के साथ इस प्रकार के संदिग्ध मरीजों का उपचार किया जाय। इस अवसर पर उपस्थित चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाॅफ से कहा कि उनके स्तर पर कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर किसी भी प्रकार का भय का वातावरण न बनाया जाये, लेकिन यह सुनिश्चित किया जाये कि यदि चीन देश की यात्रा से आये हुये व सामान्य सर्दी-जुकाम से पीड़ित मरीज उपचार के लिए अस्पताल में आता है, तो उसे कोरोना वायरस संक्रमण का संदिग्ध मरीज मानते हुये आईसोलेशन वार्ड में भर्ती कर ही निर्धारित प्रोटोकाल के अनुसार उपचार दिया जाये।
महानिदेशक ने तीनो अस्पतालों में कोरोना वायरस संक्रमण के संदिग्ध मरीजों के लिये आईसोलेशन वार्ड में उपलब्ध सुविधाओं को भी देखा और उपस्थित प्रमुख अधीक्षक/अधीक्षक को निर्देश दिये कि वह चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टाॅफ के लिये एन-95 मास्क, पीपीई किट एवं उपचार हेतु औशधियों की उपलब्धता पूर्ण रूप से सुनिश्चित कर लें। डाॅ. उप्रेती ने अस्पताल में उपलब्ध स्टाॅक के बारे में भी जानकारी ली। डाॅ. उप्रेती ने निरीक्षण के उपरान्त बताया कि तीनों चिकित्सालयों में आईसोलेशन वार्ड निर्धारित मानक अनुसार बनाये गये हैं।