धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, बीजेपी और कांग्रेस का रिएक्शन आया सामने

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजा है। हालांकि इस इस्तीफे को लेकर उत्तराखंड में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। जहां इस मामले पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि नैतिकता के आधार पर धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया है। तो वहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने उसे छात्रों की जीत कहा है।
‘नैतिकता के आधार पर धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा’- महेंद्र भट्ट
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का ये इस्तीफा पूरी तरह से नैतिक आधार पर लिया गया निर्णय है। महेंद्र भट्ट ने कहा कि विपक्ष और विदेशी ताकतों के इशारों पर छात्रों को गुमराह कर देश की एकता और अखंडता को खंडित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
कुछ लोग छात्रों को बहकाकर अराजकता का माहौल पैदा करना चाहते
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग छात्रों को बहकाकर अराजकता का माहौल पैदा करना चाहते हैं। ऐसे में राष्ट्र के भाव को सर्वोपरि रखते हुए और ये सुनिश्चित करने के लिए कि छात्र किसी के बहकावे में न आएं, ये कदम उठाया गया है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार हमेशा जनभावनाओं का सम्मान करती है और देशहित को सबसे पहले रखती है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह निर्णय पूरी तरह से राष्ट्र हित और छात्र हित में है, जिससे भ्रामक राजनीति करने वालों को कड़ा संदेश मिला है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा ये
इसी बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर सामने आने के बाद कांग्रेस ने इसे छात्रों के संघर्ष की जीत बताया है। उत्तराखंड कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि ये इस्तीफा देश के लाखों छात्र-छात्राओं के साथ हुए अन्याय के खिलाफ उठी आवाज का परिणाम है। साथ ही राहुल गांधी लगातार छात्रों की आवाज को उठाने का काम कर रहे है। जिसका परिणाम आज देश देख रहा है। उनका कहना है कि युवाओं की मेहनत और संघर्ष रंग लाया है। अब पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
देशभर में लंबे समय से छात्रों और विपक्षी दलों का विरोध प्रदर्शन
बताते चलें कि नीट परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में लंबे समय से छात्रों और विपक्षी दलों का विरोध प्रदर्शन जारी था। छात्र लगातार परीक्षा की पारदर्शिता और जिम्मेदारी तय करने की मांग कर रहे थे। वहीं छात्रों के साथ विपक्ष भी शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़ा हुआ था।