कुंभ नगरी में की गई धर्म ध्वजा की स्थापना, हेलीकॉप्टर से बरसाए गए फूल

हरिद्वार : कुम्भ नगरी में कुम्भ मेले के आगाज के बाद अब कुम्भ के रंग दिखने शुरू हो गए है. धर्मनगरी हरिद्वार में कुम्भ मेले के दृष्टिगत आज जहाँ एक तरफ बैरागी संतो की तीन आणियो अखाड़ो की धर्मध्वजा स्थापित की गई तो वही, दूसरी तरफ श्री पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन निर्वाण की धर्मध्वजा भी अखाड़े की छावनी में फहराई गई. धर्मध्वजा के कार्यक्रम में अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष आईजी कुम्भ मेलाधिकारी कुम्भ के साथ कई पुलीस व प्रशासनिक अधिकारी और भारी संख्या में साधु संत भी मौजूद रहे. कनखल स्थित दक्ष प्रजापति मंदिर के समीप बनी श्री पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन निर्वाण की छावनी में अखाड़े की धर्मध्वजा पूरे विधि विधान के साथ स्थापित की गई इस दौरान लगभग 4 घंटे चली पूजा के बाद धर्मध्वजा स्थापना की गई।वही इस दौरान भक्तों द्वारा धर्मध्वजा स्थापित कर रहे साधु संतों पर फूल की वर्षा भी की गई.

इस दौरान श्री पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन निर्वाण के श्रीमहंत महेश्वर दास ने कहा कि आज से बड़ा उदासीनअखाड़े में धर्मध्वजा स्थापना हो गई है. धर्मध्वजा स्थापित होने से तात्पर्य है कि आज से कुम्भ मेले की मर्यादाए और व्यवस्थाएं विधिवत रूप प्रारंभ हो गई है. आगामी 4 तारीख को अखाड़े की पेशवाई निकली जाएगी जो दूधाधारी चौक से हरिद्वार शिवमूर्ति चौक डामकोठी शंकराचार्य चौक से कनखल चौक होते हुए अखाड़े पहुचेगी और 4 तारीख से अखाड़े में पंच परमेश्वर विराजमान हो जायेगे आज बड़े दिव्य भव्य रूप में धर्मध्वजा की स्थापना की गई है.

थोड़े विलंब से धर्मध्वजा कार्यक्रम में शिरकत करने पहुचे कुम्भ मेला आईजी संजय गुंज्याल का कहना है कि कुम्भ मेले के दौरान सभी अखाड़ो के विभिन्न महत्वपूर्ण धार्मिक अनुष्ठान और क्रियाकलाप होते है. कुम्भ में धर्मध्वजा स्थापना से कुम्भ मेले की शुरुवात होती है. इसके बाद अखाड़ो द्वारा भव्य पेशवाई निकाली जाती है और शाही स्नानो पर अखाड़े के साधु संत शाही स्नान करते है. धर्मध्वजा कार्यक्रम में पुलिस और प्रशासन द्वारा शामिल हुआ जाता है. सभी अखाड़ो में धर्मध्वजा स्थापना से कुम्भ मेले की विधिवत शुरुवात हो जाती है.

धर्मध्वजा स्थापना कार्यक्रम में शिरकत करने पहुचे हरिद्वार कुम्भ मेला अधिकारी दीपक रावत ने इस दौरान कहा कि आज बड़े अखाड़े में आयोजित धर्मध्वजा कार्यक्रम में शामिल होने आया हूँ. धर्मध्वजा स्थापना से कहा जाता है कि कुम्भ मेले की विधिवत शुरुवात हो जाती है. यहां बड़े अखाड़े में कार्यक्रम शुभ मुहर्त मंगल मुहर्त में चल रहा है. निर्विघ्न कुम्भ मेले का आयोजन हो और साधु संत व अधिकारी मिलकर कुम्भ मेले का सफल आयोजन करें ऐसे ईश्वर से कामना है.

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