दिल्ली दंगे ने छीन लिया गरीब परिवार का सहारा, कमाने गया था, घर आई हाथ-पैर कटी लाश

पौड़ी गढ़वाल : पौडी़ गढ़वाल सहित पूरे उत्तराखंड में कई ऐसे गांवों के परिवार हैं जो की खेती बाड़ी करके अपना जीवन यापन करते हैं लेकिन अब खेती कम हो गई है तो ऐसे में उनके बच्चे दिल्ली या राज्य, देश से बाहर जाकर नौकरी कर रहे हैं। तन्ख्वाह के नाम पर उन्हें सिर्फ चिल्लर दिए जाते हैं लेकिन फिर भी उसी तन्ख्वाह में से वो बच्चे अपने माता-पिता को पैसे भेजते हैं ताकि माता-पिता भाई बहन का गुजर बसर हो सके।

ऐसी ही था पौड़ी गढ़वाल के थैलीसैंण ब्लॉक थाना क्षेत्र पैठाणी के युवक दलवीर सिंह का हाल. जो की गरीब मां-बाप का सहारा बनने दिल्ली एक बेकरी में काम करने गया था लेकिन दिल्ली दंगे की भेंट चढ़ गया। जानकारी मिली है कि पौड़ी गढ़वाल के थाना क्षेत्र पैठाणी के ढाईज्यूली पट्टी स्थित रोखड़ा गांव निवासी दलवीर सिंह जिसकी उम्र 20 साल थी, को दंगाईयों न पहले हाथ-पैर काटे और फिर दुकान के अंदर फेंक कर आग लगा दी। बेटे की मौत की घटना से परिवार समेत पूरे गांव औऱ उत्तराखंड में शोक की लहर।

बता दें कि दलवीर के मौत की सूचना पड़ोसी गांव के रहने वाले दलवीर के दोस्त श्याम सिंह ने 26 फरवरी को फोन पर ग्रामीणों व उसके परिजनों को दी जो की उसी के साथ काम करता था लेकिन उस दिन वो जान बचाकर भाग गया औऱ दंगे में घायल हुआ, जो अभी दिल्ली सफदरजंग अस्पताल में भर्ती है। श्याम सिंह की स्थिति ठीक है लेकिन दोस्त को खोने का गम है। उसे मलाल है कि काश वो अपने दोस्त को बचा पाता लेकिन हालात ऐसे थे कि कुछ नहीं समझ आय़ा.

सीएम के गृह क्षेत्र का मामला

परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। तस्वीरें देखकर आंखों में आंसू छलक आ रहे हैं कि कैसे बेगुनाह दलवीर देश के दुश्मनों के भेंट चढ़ गया जो कि कमाने के लिए घर-गांव छोड़कर दिल्ली गया था कि मां-बाप के लिए कुछ कर सके। सरकार को इसका संज्ञान लेकर गरीब परिवार की मदद करनी चाहिए। पौड़ी सीएम का गृह क्षेत्र हैं औऱ थैलीसैंण में सीएम का घर है ऐसे में सीएम को जरुर दलवीर के परिवार की सुध लेकर मदद करनी चाहिए।

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