देहरादून : ट्रिपलिंग के चालान से बचने के लिए जंगल में गया अधेड़, पानी मांगा और हो गई मौत

देहरादून : देहरादून से एक गजब का हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। जी हां एक अधेड़ जंगल में रास्त भटत जाता है और उसकी मौत हो जाती है। इस वाक्या से पुलिस भी हैरान है।

मामला आशारोड़ी चेकपोस्ट से शुरु होता है। जी हां आशारोड़ी चेकपोस्ट पर पुलिस की जांच से बचने के लिए एक अधेड़ जंगल में घुसा। वह बेटी और दामाद के साथ बाइक पर सहारनपुर जा रहा था। तभी पुलिस चेकिंग में ट्रिपलिंग के चालान से बचने के लिए वो बाइक से उतरा और जंगल की ओर चला गया। बेटी-दामाद चेकपोस्ट पार कर आगे निकल गए। कुछ देर बाद अधेड़ रास्ता भटक गया।

अधेड़ जंगल में एक स्थान पर बैठा मिला

वहीं जब काफी देर बाद तक अधेड़ जंगल से बाहर नहीं आया तो दामाद ने क्लेमेनटाउन थाना पुलिस में इसकी सूचना दी। जिसके बाद पुलिस ने देर शाम तक सर्च ऑपरेशन चलाया गया लेकिन अधेड़ नहीं मिला। फिर सुबह फिर पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की। इस दौरान वह जंगल में एक स्थान पर बैठा मिला। उसने पीने के लिए पानी मांगा और पानी पीने के चंद मिनट बाद ही उसकी मौत हो गई।

पुलिस ने दी जानकारी

पुलिस ने जानकारी दी कि पटेलनगर के लोहियानगर में रहने वाले 55 वर्षीय नसीम लंबे समय से बीमार चल रहा था। उसके परिजन उसे सहारनपुर के एक हकीम के पास ले जा रहे थे। एक बाइक में तीन सवारी होने के कारण आशारोड़ी चेकपोस्ट पर रोके जाने के डर से तौहीद ने चेकपोस्ट से थोड़ा पहले नसीम को उतार दिया और कहा कि जंगल के रास्ते चेकपोस्ट पार करके आगे मिलें। चेकपोस्ट पार करने के बाद तौहीद एक जगह बाइक खड़ी करके नसीम के आने का इंतजार करने लगा। कई घंटे बीत जाने के बाद भी नसीम नहीं आए। इसपर तौहीद ने जंगल में थोड़ा अंदर जाकर नसीम की तलाश भी की, लेकिन उनका कुछ पता नहीं चला। तब तौहीद ने क्लेमेनटाउन थाना पुलिस को यह सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर नसीम की तलाश शुरू की लेकिन नहीं मिला। फिर सुबह वो तलाशी के दौरान एक जगह बैठा मिला। पहले से बीमार होने के कारण उसकी तबीयत और बिगड़ गई थी। इस बीच उसके स्वजन भी वहां पहुंच गए। नसीम के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

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