देहरादून ब्रेकिंग : सर्राफा व्यापारी से हुई लूट का खुलासा, 2 कुख्यात अपराधी गिरफ्तार

देहरादून : देहरादून की पटेलनगर पुलिस ने 22 सितंबर की रात हुई सर्राफा व्यापारी से लूट का खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस वारदात को अंजाम देने वाले दो कु्ख्यात बदमाशों को गिरफ्तार किया है। जानकारी मिली है कि दोनों अपराधी पूर्व में कई जघन्य अपराधों को अंजाम दे चुके हैं। वहीं मामले का खुलासा करने वालीटीम को एसएसपी अरुण मोहन जोशी समेत आईजी औद पुलिस मुख्यलय की ओर से ईनाम राशि दी गई। एक आरोपी को शाहदरा और दूसरे आरोपी को पलवल से गिरफ्तार किया गया।

मिली जानकारी पटेलनगर पुलिस ने इस वारदात को अंजाम देने वाले कुख्यात अपराधी राहुल पंडित और नदीम को गिरफ्तार किया है। जानकारी मिली है कि दोनों शातिर आरोपी कई राज्यों में लूट की वारदात को अंजाम दे चुके हैं। वहीं इस घटना को अंजाम देने वाले दो आरोपी फरार हैं जिनकी तलाश में पुलिस जुटी है। वहीं पुलिस ने सर्राफा व्यापारी से लूटे गए सोने के आभूषण और नगदी भी बरामद की है। एसएसपी अरुण मोहन जोशी ने पुलिस टीम के कार्य की सराहना की और देहरादून पुलिस की ओर से ढाई हजार का इनाम दिया। वहीं आई जी की ओर से 5 हज़ार का इनाम और पीएचक्यू की ओर 20 हज़ार का इनाम मामले का खुलासे करने वाली पटेलनगर पुलिस टीम को दिया जाएगा।

22 सितंबर की रात की घटना

बता दें कि 22 सितंबर की रात लगभग साढे आठ बजे के करीबन बाइक पर सवार दो युवक सर्राफा कारोबारी का पीछा कर रहे थे। सर्राफा कारोबारी के पैर में गोली मारकर आभूषण से भरा बैग और नगदी छीनकर फरार हो गये थे। सूचना पर तत्काल एक्शन करते हुये पुलिस ने इलाके में घेराबंदी करते हुये बाइक सवारों की तलाश तेज कर दी थी। सर्राफा कारोबारी का नाम सोपिकुल बताया। वहीं आरोपियों की धड़पकड़ के लिए डीआईजी ने शहर भर में अपनी टीम लगाई। आठ टीमों का गठन कर जांच शुरु की। वहीं पडो़सी राज्यों में भी अपनी टीमें भेजी। बता दें कि इस मामले के दो आरोपी अभी फरार हैं। चारों आरोपियों के बारे में जानकारी मिली कि फैजल तथा राहुल पण्डित उत्तर प्रदेश और दिल्ली में सक्रिय अपराधी हैं औऱ इनके द्वारा पूर्व में लूट व डकैती की कई घटनाओं को अंजाम दिया गया है।

500 सीसीटीवी कैमरों की फुटेजों को चैक किया गया

खुलासा हुआ है कि चार लोगों ने मिलकर इसको अंजाम दिया। दो बाइकों पर चार बदमाश आए और घटना को अंजाम देकर फरार हो गए। वहीं दो को गिरफ्तार किया है और दो फरार हैं। मामले के खुलासे के लिए दून पुलिस ने शहर भर में चेकिंग की औऱ आठ टीमें गठित कर लगाई गई।  पुलिस टीम द्वारा उक्त रूट के लगभग 500 सीसीटीवी कैमरों की फुटेजों को चैक किया गया। 200-300 व्यक्तियों की सूची तैयार कर इनकी लोकेशन चेक की गई। चारों अभियुक्तों के मोबाइलों की लोकेशन उनके निवास स्थानों मुजफ्फरनगर, बुलंदशहर तथा दिल्ली पर होनी पायी गयी। सीसीटीवी फुटेज से प्राप्त अभियुक्तों के हुलिये हालांकि उनकी फोटो से मेल खा रहे थे।

जांच में सामने आया कि…

1: घटना के दिन अभियुक्तों के मोबाइल फोन तो ऑन थे पर केवल मैसजों का आदान प्रदान हो रहा था। कोई इनकमिंग या आउट गोइंग काल नहीं थी।
2: अभियुक्तों के मोबाइल नम्बरांे की जानकारी में कुछ ऐसे सम्पर्क नम्बर प्राप्त हुए जिन पर उन नम्बरों से लगातार काल किये जाते थे, ऐसे नम्बरों की सूची तैयार कर उनके सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त करने पर घटना के दिन उसी समयावधि में जब अभियुक्त जलालाबाद में मौजूद थे, उक्त नम्बरों पर जलालाबाद के कुछ नम्बरों से काल किया जाना प्रकाश में आया, जिससे पूर्व में उक्त नम्बरों पर कभी काल नहीं की गयी थी। पुलिस द्वारा ऐसे नम्बरों की सूची तैयार की गयी।
3: उक्त नम्बरों को तस्दीक करने पर नम्बर धारक व्यक्तियों द्वारा बताया गया कि अज्ञात व्यक्तियों द्वारा अपने फोन के काम न करने की बात कहकर जरूरी बात करने के लिए उनसे फोन मांगकर उक्त कालों को किया गया है।
04: नम्बरों की तस्दीक करने के दौरान उनमें से एक मोबाइल नम्बर उसी मैकेनिक का होना प्रकाश में आया जिसकी दुकान पर संदिग्ध अभियुक्तों की सीसीटीवी फुटेज प्राप्त हुई थी। जिस पर पुलिस टीम को पूर्ण अंदेशा हो गया कि उक्त अभियुक्त शातिर किस्म के अपराधी हैं जो घटना के समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करते हैं और अपने मोबाइल फोनों को घटना के समय अपने घरों पर ही छोडकर आते हैं, जिससे उनकी लोकेशन को कोई ट्रेस न कर सके तथा घटना से पूर्व या घटना के समय अपने परिजनों व अन्य परिचितों से सम्पर्क करने के लिये राह चलते किसी भी व्यक्ति का मोबाइल इस्तेमाल करते हैं। अभियुक्तों के सम्बन्ध में प्राप्त उक्त जानकारी से स्पष्ट हो गया था कि, इन्ही लोगों द्वारा उक्त लूट की घटना को अंजाम दिया गया है। जिस पर पुलिस टीम द्वारा अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु स्थानीय मुखबिर तंत्र को सक्रिय करते हुए सर्विलांस के माध्यम से अभियुक्तों के सम्बन्ध में जानकारी मिली कि आरोपी फैजल-नईम के सहारनपुर, अभियुक्त नदीम के बुलन्दशहर तथा अभियुक्त राहुल शर्मा उर्फ राहुल पण्डित के दिल्ली में होने की जानकारी मिली, जिस पर तत्काल तीन अलग-अलग पुलिस टीमें गठित कर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सम्भावित स्थानों को रवाना की गयी।

नदीम गुलावटी फ्लाईओवर के पास से गिरफ्तार

उप निरीक्षक धर्मेन्द्र रौतेला और उप.निरीक्षक दिलबर सिंह नेगी के नेतृत्व में गठित टीम ने बुलन्दशहर पहुंचकर अभियुक्त नदीम के सम्बन्ध में गोपनीय रूप से जानकारी पाई और स्थानीय मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया जिस पर मुखबिर द्वारा पुलिस टीम को बताया कि आरोपी नदीम वर्तमान में अपने घर पर ही है और लूट में अपने हिस्से आयी ज्वैलरी को बेचने के लिये अपनी ससुराल जा रहा है। जिस पर पुलिस टीम द्वारा बैकअप टीम को बुलाते हुए 1 अक्टूबर की रात समय लगभग 8 बजे अभियुक्त नदीम को गुलावटी फ्लाईओवर के पास से गिरफ्तार किया।

राहुल पण्डित दिल्ली से गिरफ्तार

वहीं उ.नि. नरेश राठौड के नेतृत्व में गठित टीम द्वारा अभियुक्त राहुल शर्मा उर्फ राहुल पण्डित को मुखबिर की सूचना पर शहादरा क्षेत्र दिल्ली से गिरफ्तार किया गया। दोनो अभियुक्तों के कब्जे से घटना में लूटी गयी ज्वैलरी, नगदी व अन्य सामान बरामद किया गया। अभियुक्त नदीम की निशानदेही पर पुलिस टीम द्वारा पलवल रोड शमशान घाट के पास से घटना में प्रयुक्त आर-15 मोटर साइकिल बरामद की गयी।

पुलिस टीम: (बुलन्दशहर)

01- प्रदीप बिष्ट, प्रभारी निरीक्षक पटेलनगर
02- उ0नि0 धर्मेन्द्र सिंह रौतेला
03- उ0नि0 दिलबर सिंह नेगी
04- व0उ0नि0 भुवन चन्द पुजारी
05 : उ0नि0 आशीष रावत
06: कां0 दीप प्रकाश ,
07: कां0 नरेन्द्र,
08: कां0 चमन
09: कां0 ललित

पुलिस टीम: (दिल्ली)

01: उ0नि0 नरेश राठौड
02: उ0नि0 दीपक धारीवाल
03: कां0 श्रीकांत ध्यानी,
04: कां0 राजीव कुमार,
05: कां0 अमित

टीम एसओजी1- ऐश्वर्य पाल, एसओजी प्रभारी
2- उ0नि0 मोहन सिंह
3- उ0नि0 विवेक भंडारी
4- उ0नि0 अर्जुन गुसाईं
5- कांस्टेबल आशीष शर्मा
6- का0 प्रमोद sog
7- का0 नवीन कोहली
8- का0 परमेन्द्र
9- का0 किरण

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