देहरादून बोर्डिंग स्कूल गैंगरेप : छात्र को 20वें जन्मदिन पर 20 साल की सजा, भाई की हो चुकी है मौत, पिता मायूस

देहरादून: देहरादून के चर्चित बोर्डिंग स्कूल गैंगरेप मामले में पोक्सो कोर्ट ने आरोपी छात्र सरबजीत को सामूहिक दुष्कर्म का दोषी करार कर दिया है। उसे 20 साल की सजा दी गयी है. साथ ही स्कूल की निदेशक लता गुप्ता, प्रिसिंपल जितेंद्र शर्मा, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी दीपक, उसकी पत्नी तनु भी अलग-अलग धाराओं में दोषी करार दिये गए हैं। इन पर सुबूत छुपाने, षड्यंत्र रचने और छात्रा का गर्भपात कराने के आरोप लगे थे। सभी को 9-9 साल की सजा दी सूनी गयी है. जबकि आया मंजू को बरी कर दिया गया है।

कोर्ट ने इस मामले में आरोपी तीनों नाबालिग छात्रों को भी तीन-तीन साल की सजा सुनाई है। तीनों को पिछले साल किशोर न्याय बोर्ड ने बरी कर दिया था। आज पोक्सो कोर्ट ने सजा सुनाने के बाद तीन दिन के भीतर तीनों को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत होने के आदेश दिए हैम।वहीं स्कूल प्रबंधन पर 10 लाख का जुर्माना भी लगाया गया है।

मुख्य आरोपी सरबजीत को 20 साल की सजा

जी हां इस गैंगरेप के मुख्य आऱोपी छात्र सरबजीत को 20 साल की सजा सुनाई गई है। जानकारी मिली है कि 3 फरवरी को सरबजीत का 20वां जन्मदिन था औऱ 20वें जन्मदिन के दिन सरबजीत को 20 साल की सजा सुनाई गई। एक पिता का दिल सहम गया जिसने 5 साल पहले एक्सीडेंट में अपने एक बेटे को खोया औऱ आज दूसरे बेटे को 20 साल की सजा हो गई.

12वीं की परीक्षा की पास, बेटे के नाम पर जमीन खरीदने वाले थे पिता

जानकारी मिली है कि सरबजीत के पिता बेटे के नाम पर जमीन खरीदने वाले थे औऱ साथ ही जानकारी मिली है कि सरबजीत ने 12वीं की परीक्षा पास कर ली है जो कि उसने जेल के अंदर दीथी। सरबजीत पढ़ने में काफी होनहार था लेकिन अपराध करके कोई भी आऱोपी बच नहीं सकता। छात्रा को कल इंसान मिला।

ये था पूरा मामला

16 सितंबर 2018 को देहरादून की तत्कालीन एसएसपी निवेदिता कुकरेती को एक महिला का फोन आया। महिला ने बताया कि जीआरडी बोर्डिंग स्कूल की एक छात्रा के साथ दुष्कर्म हुआ है और उसका गर्भपात करा दिया गया है। उसी दिन शाम को सहसपुर थाने के तत्कालीन एसओ नरेश राठौर स्कूल पहुंचे। उन्होंने किसी तरह छात्रा की पहचान तो कर ली, लेकिन उसने घटना के संबंध में कुछ नहीं बताया। अगले दिन पुलिस ने चाइल्ड वेलफेयर कमेटी को बुलाया और महिला दारोगा की मौजूदगी में पीडि़ता से पूछताछ की। पुलिस ने डरी-सहमी छात्रा को भरोसा दिलाया कि उसे कोई नुकसान पहुंचा पाएगा, तब उसने रोते हुए आपबीती बताई। मामले में 17 सितंबर 2018 को मुकदमा दर्ज करते हुए आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया था. तीन छात्र नाबालिग थे और सरबजीत बालिग। सरबजीत मुख्य आऱोपी था।

बंधन ने डाला पर्दा
घटना 14 अगस्त, 2018 की है जब बोर्डिंग स्कूल में पॉर्न विडियो दिखाकर स्कूल के ही चार छात्रों ने 16 साल की नाबालिग छात्रा से गैंगरेप किया था। सितंबर 2018 में यह मामला सामने आने के बाद मुकदमा दर्ज हुआ था। इस गैंगरेप की शिकायत पीड़ित छात्रा ने स्कूल प्रबंधन से की थी, लेकिन प्रबंधन ने न सिर्फ इसे छिपाया बल्कि छात्रा पर भी चुप रहने का दबाव डाला।घरवालों को मीडिया से पता चला

यहां तक कि कॉलेज प्रशासन की मिलीभगत से छात्रा का गर्भपात भी करवाया गया था। स्थिति यह थी कि मीडिया में मामला आने तक पीड़िता के घरवाले भी उसके साथ हुए जघन्य अपराध से अनजान थे। इस केस के सरकारी वकील जेपी रतूड़ी ने कहा कि कोर्ट के इस फैसले से जहां पीड़िता को इंसाफ मिलेगा वहीं, ऐसे स्कूलों के लिए भी यह सबक बनेगा।

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