उत्तराखंड: किसानों की जीत या फिर हार के डर से बदला फैसला, पढ़ें क्या बोले कैबिनेट मंत्री

देहरादून: एक साल तक किसानों ने देशभर में प्रदर्शन किया। दिल्ली की सीमाओं पर किसान डटे हुए हैं। लगातार आंदोलन जारी है। इस आंदोलन के दौरान 700 से ज्यादा किसानों की मौतें हो गईं। लेकिन, 2022 में पांच राज्यों की आचार संहिता लगने से ठीक पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन नए कृषि कानून वापस लेने का ऐलान कर दिया। इस फैसले से किसानों में खुशी तो है, लेकिन भाजपा को इसका चुनाव फायदा मिलेगा या नहीं, फिलहाल इसके लिए इंतजार करना होगा।

पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में अगले साल 2022 में विधानसभा चुनाव होने हैं। किसान आंदोलन का इन राज्यों में बड़ा असर देखने को मिल रहा था। अब इस फैसले के बाद क्या पहले जितना असर रह पाएगा या नहीं। फिलहाल यह कहना थोड़ा जल्दबाजी होगा। पीएम मोदी के इस फैसले को अब भाजपा पीएम मोदी के किसान हितों से जोड़कर पेश कर रही हैं

कैबिनेट मंत्री अरविंद पांडे को भी किसानों के विरोध का कई बार सामना करना पड़ा। यहां तक कि उन्होंने अपने कई कार्यक्रम भी रद्द कर दिए थे। सीएम धामी की सितारगंज के एक कार्यक्रम रद्द करना पड़ा था। अरविंद पांडे का कहना है कि आज गुरु पर्व का शुभ दिन है। उन्होंने कहा कि मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बहुत-बहुत आभारी हूं। उन्हें धन्यवाद देता हूं।

मंत्री ने कहा कि पीएम मोदी हमेशा किसानों के हितों में कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि इस बिल को छोटे किसान हैं। उन्हें लाभ मिले लेकिन, कहीं ना कहीं कमी रह गई। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने एक बार फिर साबित किया है कि उनको किसानों की चिंता है। उन्होंने किसानों के हित में यह बहुत बड़ा फैसला लिया है।

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