विधानसभा के आगे खुद को आग लगाने वाली महिला की मौत, पूर्व राज्यपाल का बेटा गिरफ्तार

बीते मंगलवार की दोपहर भाजपा कार्यालय के सामने एक महिला ने खुद को आग लगा ली थी। इससे हड़कंप मच गया था। वहीं वहां ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने आग बुझाई थी लेकिन तब तक महिला काफी झुलस चुकी थी। महिला को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था. आज खबर  है कि महिला की मौत हो गई है। सीएमएस डॉ एसके नंदा ने बताया कि महिला 90 प्रतिशत जल चुकी थी जिसका इलाज किया जा जहा था लेकि बुधवार शाम महिला ने दम तोड़ दिया। वहीं इस मामले में पूर्व राज्यपाल का बेटा गिरफ्तार किया गया है।

ये है मामला

मिली जानकारी के अनुसार महिला अंजना की शादी महाराजगंज में रहने वाले अखिलेश तिवारी से हुई थी लेकिन आए दिन झगड़े होने के कारण दोनों ने तलाक ले लिया। वहीं इसके बाद महिला ने धर्म परिवर्तन कर आसिफ नाम के युवक से निकाह कर लिया। निकाह के बाद महिला का पति आसिफ सऊदी अरब चला गया। महिला ने आरोप लगाते हुए कहा कि इस दौरान आसिफ के परिवारवालों ने उसे प्रताड़ित किया औऱ इसी वजह से तंग आकर उसने आत्मदाह करने का फैसला किया। महिला का आरोप है कि महराजगंज थाने में उसने पुलिस से शिकायत की थी, लेकिन पुलिस ने उसकी शिकायत पर कोई एक्शन नहीं लिया। महिला ने कहा इसलिए वो मदद के लिए सीेएम योगी आदित्यनाथ से मिलना चाहती थी, लेकिन मुलाकात नहीं करने दी गई जिससे निराश होकर उसने खुद को विधानसभा के आगे आग लगा ली जिसकी आज मौत हो गई है।

महाराजगंज निवासी जिस महिला अंजल‍ि ने मंगलवार को विधानभवन के पास खुद को आग के हवाले किया था, उसकी बुधवार शाम इलाज के दौरान सिविल अस्पताल में मौत हो गई। शाम सवा सात बजे के करीब सिविल अस्पताल के डॉक्टराें ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के तुरंत बाद ही महिला को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था,

पूर्व राज्यपाल का बेटा गिरफ्तार

वहीं खबर है कि राजस्थान के पूर्व राज्यपाल के बेटे को गिरफ्तार किया गया है। आरोप ही कि महिला को आत्मदाह के लिये राजस्थान के पूर्व राज्यपाल स्व. सुखदेव प्रसाद के बेटे आलोक प्रसाद ने उकसाया था, तभी उसने केरोसिन उड़ेलकर खुद को आग के हवाले कर दिया। आलोक महाराजगंज में अंजलि का पड़ोसी है और यहां गोमतीनगर में भी उसका मकान है, वहीं से उसे मंगलवार रात लखनऊ पुलिस ने हिरासत में लिया था। एसपी महाराजगंज ने लखनऊ पुलिस को आलोक प्रसाद के खिलाफ सबूत सौंपे। सीडीआर में भी सामने आया है कि आलोक ने कई बार अंजलि को फोन किया था। इसी आधार पर आलोक प्रसाद और अन्य अज्ञात के खिलाफ हजरतगंज कोतवाली पुलिस ने आत्महत्या के लिये उकसाने, साजिश रचने समेत आइपीसी की गंभीर धाराओं में एफआइआर दर्ज की है। आलोक प्रसाद कांग्रेस से भी जुड़ा रहा।

 

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