Dayara Bugyal Trek से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हुई महिला!, नहीं मिल रहा कोई सुराग

Dayara Bugyal Trek Uttarkashi Woman Missing: उत्तराखंड के दयारा बुग्याल के ट्रैक की खूबसूरत वादियों के बीच एक 30 साल की युवती लापता हो जाती है। इस 48 घंटे के ट्रैक में नैनीताल से घूमने आई एक एमबीए की छात्रा अचानक लापता हो गई। बता दें कि बबीता पांच लोगों के साथ इस ट्रैक पर निकली थी। जहां से वो वापस ही नहीं आई।
दयारा बुग्याल में लापता हुई महिला! Dayara Bugyal Trek Woman Missing
दरअसल ये पूरा मामला उत्तराखंड के उत्तरकाशी (Uttarkashi News) जिले का है। जहां नैनीताल के रामनगर की रहने वाली 30 साल की MBA की छात्रा बबीता पांडे, जो एक प्राइवेट कंपनी में काम भी करती हैं, अचानक दयारा बुग्याल ट्रैक से गायब हो गई हैं। 29 मई को बबीता पांच लोगों के साथ रायथल गांव से इस ट्रैकिंग के लिए निकली थीं। सब कुछ एक एजेंसी ने अरेंज किया था।
संयुक्त सर्च ऑपरेशन शुरू पर नहीं मिला कोई सुराग
बताया जा रहा है कि 29 मई की रात के दौरान बबीता पांडे अपने टेंट से बाहर आई। जिसके बाद से वो अचानक लापता हो गई। हालांकि एसडीआरएफ, वन विभाग, पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने संयुक्त सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। साथ ही आसपास के जंगलों में सघन तलाश जारी है।
ट्रैकिंग एजेंसियां कितनी जिम्मेदार?
हालांकि इस घटना के बाद ट्रैकिंग और एडवेंचर टूरिज्म से जुड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। कि आखिर क्यों?, पहाड़ों पर जहां एक-एक मिनट कीमती होता है, वहां पुलिस को इस घटना की सूचना देर से दी गई। क्या एजेंसी अपनी लापरवाही छुपाने की कोशिश कर रही थी?
कोई भी प्राइवेट एजेंसी जो ऐसे ट्रैक्स करवाती है उसके सुरक्षा मानक क्या हैं? क्या उनके पास इमरजेंसी रेस्क्यू का कोई प्लान होता भी है? या फिर ऐसे खतरनाक ट्रैक्स पर लोगों की जान सिर्फ भगवान भरोसे चल रही होती है?