20 हजार की आबादी पर संकट, सेना, ITBP और SSB के लिए भी मुश्किल

पिथौरागढ़: कैलाश मानसरोवर को जोड़ने वाले धारचूला-लिपुलेख निर्माणाधीन मार्ग पर तवाघाट में बना बैली ब्रिज टूट गया है। पुल पोकलैंड मशीन ले जा रहे ट्रॉले के जाने से टूटा है। हादसे में ट्राला चालक और पोकलैंड मशीन आप्रेटर गंभीर घायल हो गए हैं। पुल के टूटने से सात गांवों के हजारों लोगों के साथ ही भारत-चीन सीमा पर सेना, एसएसबी और आईटीबीपी की अग्रिम चैकियों तक सामान पहुंचाने में दिक्कत आएगी।

जानकारी के अनुसार संडे को सड़क निर्माण का कार्य कर रही गर्ग एंड गर्ग कंपनी की नई पोकलैंड मशीन को चंडीगढ़ से पांगला ले जा रहा ट्रॉला तवाघाट के बैली ब्रिज से गुजर रहा था। जैसे ही ट्राला पुल के बीचों-बीच पहुंचा पुल ध्वस्त हो गया। पहले ट्राला पुल की रेलिंग पर लटका रहा, लेकिन बाद में पुल की रेलिंग टूटने के बाद ट्रॉला पोकलैंड समेत धौली नदी में जा गिरता। पुल के ध्वस्त होने से व्यास घाटी के सात गांव बूंदी, गर्ब्यांग, नपलच्यू, गुंजी, नाभी, रौंगकांग, कुटि के साथ ही चैदास घाटी के गाला, पांगला, जिप्ती, गस्कू, पांगला, घटियाबगड़, कुरीला, जयकोट, सिमखोला का शेष जगत से संपर्क टूट गया है। करीब 20 हजार की आबादी संकट में फंस गई है।

भारत-चीन सीमा पर सेना के साथ ही आईटीबीपी तैनात है। नेपाल सीमा पर एसएसबी की तैनाती है। सेना, आईटीबीपी और एसएसबी की उच्च हिमालयी क्षेत्र में कई अग्रिम चैकियां हैं। तवाघाट पुल ध्वस्त होने से इन अग्रिम चैकियों में तैनात जवानों अधिकारियों के लिए रसद आदि सामान पहुंचाने में दिक्कतें आएंगी। सामान को तवाघाट में नदी के रास्ते ट्रांशिपमेंट करना पड़ेगा। जवानों की आवाजाही में भी दिक्कत आएगी।

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