शिक्षकों की समस्याओं के समाधान को इंटरमीडिएट स्टेट परिषद का गठन होगा

रुद्रप्रयाग-
 सूबे के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि शिक्षक समाज का दर्पण होता है।  मुख्यमंत्री जिला मुख्यालय के गुलाबराय मैदान में आयोजित उत्तराखण्ड माध्यमिक शिक्षक संघ के त्रयोदश प्रांतीय सम्मलेन एवं शैक्षिक उन्नयन विचार गोष्ठी को सम्बोधित कर रहे थे। इस मौके पर उन्होंने कहा कि दिसम्बर 2016 तक राज्य के सभी वि़द्यालयों में अस्सी से नब्बे फीसदी शिक्षकों की नियुक्ति कर दी जाएगी। शिक्षा एक ऐसा क्षेत्र हैं जो किसी भी परिवर्तन के अनुरूप स्वयं को परिवर्तित करने की क्षमता रखता है। राज्य में शिक्षा को और अधिक बेहतर और गुणवत्तापरक बनाने के लिए शिक्षकों की अहम भूमिका की जरूरत है।
 उन्होंने कहा कि शिक्षकों की सभी समस्याओं के समाधान हेतु इण्टरमीडिएट स्टेट परिषद का गठन किया जाएगा। इस परिषद में अधिकारी व शिक्षकों को सम्मिलित किया जाएगा। परिषद का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों की समस्याओं को आपसी विचार विमर्श से  निस्तारित करना होगा। उन्होंने प्रदेश के सक्षम लोगों से आह्वान किया कि वे शिक्षा के क्षेत्र में निवेश करें और विद्यालय खोंलें। इसमें सरकार भी आर्थिक सहयोग करेगी। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में सरकार राज्य में शिक्षा के उन्नयन के लिए प्रयासरत है और अधिक से अधिक विद्यालयों में शिक्षकों की कमी के साथ ही तमाम असुविधाओं को दूर किया जा रहा है।

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