उत्तराखंड : कोरोना के दर्दनाक जख्म, 3 दिन में एक ही परिवार के 3 सदस्यों की मौत

 

हल्द्वानी: कोरोना ने ऐसी बर्बादी और ताबाही लाई कि घर के घर बबार्द हो गए। कई घर ऐसे हैं, जिन घरों में अब कोई नहीं बचा है। कई परिवारों के एक साथ तीन-तीन, चार-चार अर्थियां उठी। ऐसी ही एक दास्तान नैनीताल जिले के चीना हाउस में रहने वाले एक परिवार की भी सामने आई है। परिवार के तीन सदस्य तीन दिन के भीतर मौत का शिकार हो गए। तीनों कोरोना से जंग तो हार गए। अब परिवार के सामने यह संकट खड़ा हो गया है कि वो कैसे जिंदगी का आगे का सफर तय करेंगे।

चीना हाउस में स्व. गगन सेठ यानी गजेंद्र साह का परिवार रहता है। परिवार की मुखिया दिवंगत गगन सेठ की 94 वर्षीय पत्नी नंदी साह थी। संपन्न परिवार तीन दिन के भीतर इस तरह सड़क पर आ खड़ा होगा। किसी ने सपने में भी नहीं सोचा होगा। गगन सेठ की पत्नी नन्दी साह, उनकी बेटी चीमा साह और बेटा सज्जन साह को कोरोना ने आ घेरा। चीमा और उनके भाई सज्जन साह को एसटीएच हल्द्वानी में भर्ती कराया गया, जबकि आयु अधिक होने के कारण नंदी साह को घर पर ही उपचार देने का निर्णय लिया गया।

गुरूवार की रात को एसटीएच में चीमा साह ने दम तोड़ दिया। बुजुर्ग नंदी साह को यह बात नहीं बताई गई। लेकिन, उसके लगभग दो घंटे बाद नन्दी साह ने भी अंतिम सांस ले ली। नन्दी का नैनीताल में तो सुबह तो चीमा का हल्द्वानी के राजपुरा घाट में दोपहर बाद अंतिम संस्कार किया गया। बीमार सज्जन साह को भी रिश्तेदारों ने घर में दो मौतें हो जाने की यह जानकारी न देने का निर्णय लिया। उनका एसटीएच में उपचार चल रहा था, लेकिन कल दोपहर में सज्जन साह की तबीयत अचानक बिगड़ी और दम तोड़ दिया।

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