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Lok Sabha Election 2024 : उत्तराखंड में आचार संहिता लागू, इन नियमों का करें पालन वरना जा सकते हैं जेल

लोकसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही प्रदेश में आदर्श संहिता लागू हो गई है। इस दौरान राजनीतिक दल या नेता ही नहीं अगर कोई आम आदमी भी आचार संहिता का उल्‍लंघन करता है तो वो भी जेल जा सकता है। इसलिए आपको भी इस दौरान नियमों का पालन करना चाहिए।

आचार संहिता के दौरान ये होगा प्रतिबंध

  • उप जिलाधिकारी-प्रशासनिक मजिस्ट्रेट की लिखित अनुमति के बिना किसी प्रकार की कोई बैठक-जुलूस नहीं निकलेगा।
  • किसी व्यक्ति वर्ग अथवा समुदाय को लेकर कोई भड़काऊ वक्तव्य नहीं दे सकेंगे, ना ही किसी प्रकार के इशारे कर सकेंगे।
  • किसी भी सार्वजनिक स्थान पर 5 या 5 से अधिक व्यक्ति एकत्रित नहीं होंगें।
  • व्यक्ति, संस्थान या राजनैतिक दल सुबह छह बजे से रात्रि 10 बजे के अलावा अतिरिक्त लाउडस्पीकर, माइक्रोफोन अथवा ध्वनि विस्तारक यंत्र प्रयोग में नहीं ला सकेंगे। सामान्य स्थिति में इसके प्रयोग के लिए अनुमति जरूरी होगी।
  • वाहनों का प्रयोग करने के लिए राजनैतिक दल, अभ्यर्थी आदि को लिखित अनुमति प्राप्त करनी होगी।
  • किसी प्रकार के प्रचार के लिए उप जिला मजिस्ट्रेट-नगर मजिस्ट्रेट-सहायक रिटर्निंग ऑफिसर-रिटर्निंग ऑफिसर की अनुमति जरूरी होगी।
  • कोई भी व्यक्ति अफवाहें नहीं फैलाएगा, ना ही नोटिस, पर्चे, इश्तहार के माध्यम से ऐसी कोई सूचना प्रसारित करेगा जिससे पारस्परिक द्वेष फैलने की संभावना हो।
  • तीन वाहनों से अधिक के काफिले पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा, पूर्व लिखित अनुमति प्राप्त किए सार्वजनिक सभा नहीं कर पाएंगे। बता दें कि ये प्रतिबन्ध शादी विवाह और मृत्यु आदि पर लागू नहीं होगा।
  • कोई भी व्यक्ति मतदान के दिन मतदाता पहचान पर्चियों के वितरण के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले स्थानों पर या मतदान केन्द्रों पर इश्तहार, झंडा, प्रतीक या अन्य प्रचार सामग्री का प्रदर्शन नहीं करेगा।
  • कोई भी व्यक्ति या राजनैतिक दल मतदान के दिन मतदान केन्द्रों की 200 मी. परिधि में मतदान स्टालों का निर्माण नहीं करेगा।
  • अभिकर्ताओं-कार्यकर्ताओं के उपयोग के लिए धूप-वर्षा से बचने के लिए एक छतरी या तिरपाल के एक टुकड़े के साथ एक मेज और दो कुर्सी अनुमन्य होगी।
  • वाहनों को प्राप्त वाहन पास तथा लाउडस्पीकर या किसी ध्यनि विस्तारक यंत्र की अनुमति को विंड स्कीन पर चस्पा करना होगा।
  • मंदिरों, मस्जिदों, चर्च, गुरुद्वारों अथवा किसी भी पूजा स्थल का प्रयोग राजनैतिक भाषण, पोस्टर, संगीत आदि समेत निर्वाचन प्रचार में नहीं किया जाएगा।

Yogita Bisht

योगिता बिष्ट उत्तराखंड की युवा पत्रकार हैं और राजनीतिक और सामाजिक हलचलों पर पैनी नजर रखती हैंं। योगिता को डिजिटल मीडिया में कंटेंट क्रिएशन का खासा अनुभव है।
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