लापता जवान राजेंद्र नेगी के परिवार से मिले सीएम के OSD, पत्नी को सौंपा चेक

देहरादून : 8 जनवरी को गुलमर्ग से अपनी पोस्ट से लापता उत्तराखंड के बेटे सेना के जवान राजेंद्र नेगी की वापसी की आस आज भी परिवार लगाए बैठा है। बच्चें आंगन औऱ टीवी न्यूज चैनलों में टकटकी लगाए बैठे हैं कि कब उनके पिता की वापसी की खबर चलेगी। उन्हें यकीन है कि जरुर राजेंद्र नेगी लौट आएंगे। राजेंद्र 8 जनवरी से लापसा हैं अब तक उनकी कोई खबर नहीं है लेकिन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के निर्देश पर सीएम का विशेष कार्य अधिकारी धीरेंद्र पवार राजेंद्र नेगी के परिवार का हाल चाल जानने देहरादून के अंबीवाला स्थित उनके घर पहुंचे और पत्नी को आर्थिक सहायता का चेक सौंपाl सीएम के विशेष कार्य अधिकारी धीदेंद्र पंवार ने परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिया।

8 जनवरी से कश्मीर के गुलमर्ग में लापता जवान

बता दें कि 11 गढ़वाल राइफल के हवलदार राजेंद्र सिंह नेगी कश्मीर के गुलमर्ग में तैनात थे और कहा जा रहा है कि गश्त के दौरान बर्फ में फिसल गए और पाकिस्तान की सीमा पर जा पहुंचे है। क्यास लगाए जा रहे हैं या तो जवान को पाक सेना द्वारा अभिनंदन की तरह बंदी बना लिया गया है या बर्फ में दबे होने की आशंका है  पूरा उत्तराखंड उनकी सलामती की दुआ मांग रहा है। सेना उनकी तलाश कर रही है, लेकिन मौसम खराब होने और सीमा पर तनाव के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में दिक्कतें आ रही हैं।

बीती 8 जनवरी से लापता हैं राजेंद्र

देहरादून के अंबीवाला स्थित सैनिक कॉलोनी निवासी हवलदार राजेंद्र सिंह नेगी बीती 8 जनवरी से लापता हैं। सेना ने स्वजनों को इसकी सूचना दी तो घर में कोहराम मच हुआ है।पत्नी बीमार हैं और अस्पताल में भर्ती थी। सीएम ने उनसे मिलकर आश्वासन दिया था औऱ हर संभव मदद का भरोसा दिया था लेकिन वो भरोसा परिवार का टूट गया है क्योंकि राज्य और केंद्र दोनों सरकार मौन हैं। हवलदार राजेंद्र की पत्नी राजेश्वरी देवी और उनके तीन बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।

36 वर्षीय राजेंद्र चार भाइयों में सबसे बड़े

राजेंद्र के माता-पिता चमोली जिले में गैरसैंण के पास पंजियाणा में रहते हैं। 36 वर्षीय राजेंद्र चार भाइयों में सबसे बड़े हैं। उनके पिता रतन सिंह नेगी पैतृक गांव में ही चाय की दुकान चलाते हैं, जबकि, उनकी माता भागा देवी और तीन भाई भी गांव में ही रहते हैं। राजेंद्र सिंह के दो बेटियां अंजलि और मीनाक्षी आठवीं और चौथी कक्षा में पढ़ती हैं। जबकि बेटा प्रियांश छठी कक्षा में है। सभी सलामती की दुआ मांग रहे हैं.

परिवार समेत पूरे उत्तराखंड की जनता की मोदी सरकार से मांग है कि विंग कमांडर अभिनंदन की तरह देवभूमि औऱ देश के जवान राजेंद्र सिंह नेगी को वतन वापस लाया जाए।

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