विकास की इबारत लिखते CM त्रिवेंद्र, पहले डोबरा चांठी और जानकी सेतु अब सूर्यधार का तोहफा

 

देहरादून : पहले डोबराचांठी फिर जानकी सेतु और अब सूर्यधार झील। विकास की इबारत लिखते मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत आज प्रदेशवासियों को सूर्यधार झील के रूप में एक नया तोहफा देने जा रहे हैं। सूर्यधार में झील बनकर तैयार हो गई है, जिसका आज मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत लोकार्पण करेंगे। सूर्यधार झील मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के ड्रीम प्रोजेक्टों में से एक है।

इस झील से क्षे़त्र को पेयजल और सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध होगा। इससे लगभग 18 गांवों को सिंचाई और 19 गांवों को पेयजल मिलेगा जो पूरी तरह से ग्रैविटी आधारित होगी। इस क्षेत्र में लंबे समय से पेयजल और खेतों की सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता न होने की समस्या रही है। क्षेत्रवासियों की इसी दिक्कत को समझते हुए मुख्यमंत्री ने सूर्यधार में झील बनाने का ऐलान किया था।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र द्वारा समय-समय पर सूर्यधार में निर्माणाधीन झील के निरीक्षण किए जाते रहे। अब, रिकार्ड समय में यह झील बनकर तैयार हो गई है। यह झील आने वाले दिनों में देहरादून जिले में नए टूरिस्ट डेस्टिनेशन के तौर पर भी उभरेगी। यहां पर सरकार की योजना नौकायन के साथ ही लोगों को प्रकृति का दीदार कराने व अन्य पर्यटन गतिविधियां संचालित करने की है। इस बहुउद्देशीय योजना के माध्यम से प्रति वर्ष 7 करोड़ रुपये की बिजली की बचत भी होगी. इससे किसानों को बारह महीने पानी मिलेगा।

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