
देहरादून: 90 साल पुराने ऋषिकेश के लक्ष्मण झूला पुल को आवाजाही के लिए खतरनाक बताते हुए सरकार ने उस पर आवागमन बंद कर दिया है, जिस पर बवाल मचा हुआ है। रोक के बावजूद लोग पुल पर आ-जा रहे हैं। कुछ लोग देर रात से धरने पर भी डटे रहे। विवाद के बीच सरकार ने एलान किया कि कुंभ से पहले नया लक्ष्मण झूला पुल तैयार कर लिया जाएगा, जिस पर लोगों ने सवाल उठाया है कि आखिर इतने कम समय में पुल कैसे तैयार होगा ?
विरोध को देखते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने दो साल से कम समय के भीतर नयर पुल तैयार करने के निर्देश जारी करते हुए वहां नया पुल बनाया जाएगा। आनन-फानन में सरकारी अमला भी इसकी तैयारियों में जुट गया है। सीएम ने अधिकारियों को डीपीआर तैयार करने के निर्देश दे दिए हैं। हालांकि अब तक ये तय नहीं किया गया कि पुल इसी के बगल में बनेगा या फिर कहीं दूसरी जगह पर। इसके लिए अधिकारियों से वार्ता करने की बात कही है। यह भी कहा कि हरिद्वार में 2021 में होने वाले कुंभ से पहले यह पुल तैयार हो जाएगा।
मुख्यमंत्री का जो बयान चर्चा में है। उसके अनुसार आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञों ने इसका अध्ययन किया था, लेकिन मीडिया रिपोर्ट में कहा गया कि लोक निर्माण विभाग के विशेषज्ञों ने जांच कर रिपोर्ट शासन को दी थी। सच क्या है। ये सरकार ही साफ कर सकती है। उनके कुंभ से पहले पुल बनाने के दावे पर लोगों ने सवाल उठाने शुरू कर दिये हैं। लोगों का कहना है कि लक्ष्मण झूला पुल जैसा पुल बनाने आसान काम नहीं है। सरकार ने अब तक योजना ही तैयार नहीं की, ऐसे में 2 साल के भीतर पुल बनाने का दावा करना सही नहीं है।
