
चमोली के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रुद्रप्रयाग के आपदा प्रभावित बसुकेदार क्षेत्र के तालजामण, डूंगर, बड़ेथ, जौला, कमद, उछोला, छैनागाड़, पटुय गांवों का हवाई सर्वेक्षण किया। जिसके बाद सीएम ने जिला पंचायत सभागार में बैठक कर आपदा प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे बचाव और राहत कार्यों की विस्तृत समीक्षा की।
मानसून में इस बार करना पड़ा चुनौतियों का सामना: CM
सीएम ने कहा कि इस साल मानसून काल में समूचे प्रदेश ने आपदा के कारण कठिन परिस्थितियों और चुनौतियों का सामना किया है। उन्होंने प्रभावितों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और आपदा के समय जिला प्रशासन की तत्परता से कार्य करने पर सराहना की। सीएम ने कहा कि स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के प्रभावित क्षेत्रों में तत्परता से पहुंचकर राहत और बचाव कार्य किए जाने से प्रभावितों को हौसला मिला है।
PM ने प्रभावितों को 1200 करोड़ की धनराशि देने का किया है ऐलान
सीएम ने कहा आपदा की इस घड़ी में पीएम मोदी प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में आई आपदा की स्थिति की जानकारी का अपडेट समय-समय पर ले रहे हैं। साथ ही उन्होंने देहरादून पहुंचकर प्रभावितों से मुलाकात कर क्षेत्रों में तात्कालिक राहत पहुंचाने के लिए 1200 करोड़ की धनराशि देने का ऐलान किया है। सीएम ने अधिकारियों को आगामी 30 सितम्बर तक अलर्ट मोड पर रहकर आपदा से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए।
यात्रा व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद बनाने पर दिया जोर
सीएम धामी ने कहा कि मानसून के बाद केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं की संख्या में तेजी से वृद्धि होने की संभावना है, इसके दृष्टिगत यात्रा व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और यात्रा को सुगम बनाने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य किए जाएं।