एक्शन मोड में सीएम : CCTV से रखेंगे अधिकारियों पर नजर, लंबे समय से जमे अफसरों के होंगे तबादले

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत इन दिनों एक्शन मोड़ में आते हुए दिखाई दे रहे हैं। विभागों में भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर जहां मुख्यमंत्री ने कई विभागों में स्पेशल ऑडिट के निर्देश दे रहे हैं। वहीं सचिवालय में लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ मुख्यमंत्री सख्त हो गए हैं।  उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत एक्शन मोड में आ गए हैं, जिसके तहत मुख्यमंत्री ने सचिवालय की कार्यप्रणाली में सुधार लाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। मुुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत सचिवालय में फाईलें लटकाने वाले कार्मिकों पर जहां सख्त हो गए हैं। वहीं बेहतर काम करने वालों को मुख्यमंत्री ने पुरूस्कृत किए जाने के भी निर्देश दिए हैं। सचिवालय में कोई फाइल न अटके इसके लिए एक समीक्षा अधिकारी के पास एक विभाग के कार्याें की जिम्मेदारी सौंपी जाने के लिए सीएम ने कहा है। वहीं सभी अनुभागों में सीसीटीवी कैमरे लगाएं जाने के भी निर्देश दिए गए हैं। ताकि उच्च अधिकारियों की नजर अनुभाग किए जा रहे कार्याें पर हो। खास बात ये है कि मुख्यमंत्री ने एक ही अनुभागों में लम्बे से जमे अधिकारियों के तबादले तीन दिन के भीतर करने के निर्देश दिए है। सीएम ने साफ-साफ शब्दों में कहा है कि लापरवाह अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होने चाहिए।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने ये निर्देश सचिवों के साथ बैठक में दिए हैै। सीएम ने इसके साथ ही फाइलों को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए हैं। सरकार के द्धारा जुड़ी नीतियों का मसौदा तैयार करने से पहले जनता के बीच पहुुंचाई जाएं ताकि जनता की राय भी नीतियों को तैयार करने में ली जाए। विभाग के अधिकारियों को अनावश्य रूप से सचिवालय के चक्कर न लगाने पड़े इसके लिए विडियों कांफ्रेसिंग पर फोकस होना चाहिए। सचिवों को एक दिन अनुभागों का निरीक्षण करने के लिए भी कहा गया है।

बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री को एक्शन में इसलिए आना पड़ा है क्योंकि पिछले साल मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने लोक निमार्ण विभाग के जिन दो अधिकारियों को प्रतिकूल प्रविष्टी देने के निर्देश दिए थे। उनको 14 माह के बाद भी सचिवालय से फाइल आगे न बढ़ पाने को लेकर कोई कार्यवाही न होेन पर मुख्यमत्री एक्शन मोड़ में आए हैं। वहीं मुख्य सचिव ओम प्रकाश का भी कहना है कि ये अघोषित चेतावनी है कि कार्मिक सुधर जाएं वरना कड़ी कार्रवाई लापरवाह कार्मिकों पर की जाएंगी।

कुल मिलाकर देखे तो सचिवालय की कार्यप्रणाली को बदलने को लेकर मुख्यमंत्री ने कई बडे निर्णय लिए है ऐसे में देखना ये होगा कि जब लापरवाह अधिकारियों को कार्रवाई का डर दिखाया जा रहा है तो क्या

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