मुख्यमंत्री ने किया शरदोत्सव एवं विकास प्रदर्शनी-2022 का शुभारम्भ

Chief Minister inaugurated Sharadotsav and Development Exhibition-2022

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को देव सिंह मैदान, पिथौरागढ़ में नगर पालिका परिषद् बोर्ड द्वारा आयोजित शरदोत्सव एवं विकास प्रदर्शनी-2022 का शुभारम्भ किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घोषणा की कि पिथौरागढ़ बॉस-गंगोलीहाट मोटर मार्ग के अवशेष कार्य के साथ रामगंगा नदी में मोटर पुल का निर्माण किया जाएगा। पिथौरागढ़ महाविद्यालय में विधि विभाग को प्रारम्भ किये जाने की स्वीकृति प्रदान की जायेगी। पिथौरागढ़ के अन्तर्गत देव सिंह मैदान के सौन्दर्यीकरण का कार्य प्रारम्भ करने के लिये वित्तीय स्वीकृति प्रदान की जाती है और इसके प्रथम चरण के लिये 02 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की जाती है। पिथौरागढ़ शरदोत्सव के सफल आयोजन के लिए पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष भी समान सहयोग राशि प्रदान की जायेगी साथ ही पिथौरागढ़ के प्राचीन मंदिरों को मानसखण्ड कोरिडोर में सम्मिलित किया जायेगा।

शरदोत्सव से प्रतिभाशाली बच्चों को मिल रहा मौका

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह बहुत ही हर्ष का विषय है कि शरदोत्सव के माध्यम से स्थानीय प्रतिभाशाली बच्चों और युवाओं को अपनी कला का प्रदर्शन करने का मौका मिल रहा है। उन्होंने कहा कि उन्हें पूर्ण विश्वास है कि आम लोगो को सरकार की विभिन्न विकास योजनाओं की अधिक से अधिक जानकारी देने का प्रयास भी शरदोत्सव के माध्यम से किया जाएगा।

सरकार सीमान्त गांवों में रिवर्स पलायन को लेकर गंभीर

उन्होंने कहा कि 21 अक्टूबर को माणा में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उनके इस कथन को कि हमारे सीमांत गांव देश के अंतिम नही बल्कि पहले गांव है अपनी सहमति प्रदान कर हमारे सीमान्त गांवों को पहचान दिलाने का कार्य किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमान्त क्षेत्रों के समग्र विकास के लिये सरकार प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। वर्तमान में सीमाओं के अन्तिम गांवों को प्रथम गांवों की श्रेणी में मानकर विकास योजनाओं का निर्माण और क्रियान्वयन किया जा रहा है। हमारे सीमान्त गांव सामरिक दृष्टिकोण से भी विशेष महत्व रखते हैं।

उन्होंने कहा कि सीमान्त क्षेत्रों के स्थानीय लोग केवल नागरिक नही हैं, बल्कि हमारे सीमा प्रहरी भी है। उन्होंने कहा कि देश की रक्षा में उनका योगदान काफी महत्वपूर्ण है। सीमाओं पर बसे गांवों पर पलायन देश की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा है। इसे लेकर हमारी सरकार सजग है। हमारी सरकार सीमान्त गांवों में रिवर्स पलायन के लिए गंभीर प्रयास कर रही हैं। रोजगार, स्वरोजगार एवं होम स्टे जैसी कई विकास योजनाओं को लेकर हम पलायन रोकने में प्रसासरत है। जिसके परिणामस्वरूप आज कई युवा अपने गांव में वापिस आकर उसे बसाने का कार्य कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे अन्य सीमान्त जिलों की तरह पिथौरागढ़ का विकास हमारी सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। इसके साथ ही दूरस्थ एवं सीमान्त क्षेत्रों में जैविक कृषि तथा स्वरोजगार को प्रोत्साहित करने के भी प्रयास किए जा रहे हैं, जिसके अंतर्गत धौलादेवी, मुन्स्यारी, बेतालघाट, बेरीनाग के चाय बागानों को जैविक चाय बागान में परिवर्तित करने का कार्य किया जा रहा है।

उत्तराखंड को हर क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध

उन्होंने कहा कि सरकार राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष 2025 तक उत्तराखण्ड को प्रत्येक क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। हम उत्तराखण्ड के विकास में नये संकल्पों के साथ प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहे हैं। राज्य हित में सभी विभागों द्वारा रोडमेप तैयार किया गया है। नई कार्य संस्कृति के साथ हम आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से अपेक्षा की कि राज्य हित में 10 से 5 तक कार्य करने की मानसिकता का परित्याग करना होगा, तभी हम राज्य के विकास में सहयोगी बन पायेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 7 हजार पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया अधीनस्थ सेचा चयन आयोग से लोक सेवा आयोग को स्थानांतरित की गई है। आयोग द्वारा भी इन पदों पर भर्ती प्रक्रिया आरम्भ कर दी गई है। हमारे युवाओं को रोजगार तथा स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध हों इस दिशा में हमारे प्रयास निरंतर जारी है। इस अवसर पर सांसद अजय भट्ट, विधायक बिशन सिंह चुफाल, जिला पंचायत अध्यक्ष दीपिका बोहरा, राजेन्द्र रावत सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

महिला अपराधों से जुड़े मामलों में जांच में तेजी लाने के निर्देश

इससे पहले देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि महिलाओं से संबंधित अपराधों में पुलिस जांच त्वरित और समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित की जाए। ऐसे मामलों की विवेचना में किसी प्रकार की कमी न रहने पाए। साथ ही न्यायालयों में भी प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की जाए। ताकि अपराधी किसी दशा में बचने न पाएं। प्रदेश में ऐसा माहौल बने कि कोई भी अपराध करने की सोच भी न पाएं। मुख्यमंत्री ने शनिवार को सचिवालय में राज्य में महिला सुरक्षा एवं सशक्तीकरण के सबंध में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पुलिस कंट्रोल रूम में बात कर जन शिकायतों के निस्तारण के लिए की जा रही कार्रवाई की जानकारी भी ली।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हर थाने में महिला सब इंस्पेक्टर की तैनाती हों। महिला मित्र प्रकोष्ठ की स्थापना की जाए। महिला के प्रति अपराधों को रोकने के लिए जन सहभागिता भी जरूरी है। महिलाओं से जुड़े संगठनों से नियमित सम्पर्क रखा जाए। सिस्टम इस प्रकार का हो कि महिलाओं का इसके प्रति विश्वास बढ़े और वे अपनी शिकायतें बिना संकोच के दर्ज करा सकें। महिला अपराधों से संबंधित शिकायतों पर तुरंत कार्यवाही हो। शिकायतकर्ता महिलाओं से भी समय-समय पर फीडबैक लिया जाए।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि पुलिस की वेबसाइट पर अपराधियों के नामों की लिस्ट अपलोड की जाए। महिला अपराधों से संबंधित मामलों की जनपदों में जिलाधिकारी स्तर पर लगातार समीक्षा की जाए। विवेचना और पैरवी में कमी पाए जाने पर तत्काल दूर की जाएं। बैठक में जानकारी दी गई कि सीएम हेल्पलाईन में पिछले 10 माह में जो शिकायते दर्ज हुई, उनमें से 92 प्रतिशत शिकायतों का निस्तारण किया जा चुका है।

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, डीजीपी अशोक कुमार, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली, अरविन्द सिंह ह्यांकी, रविनाथ रमन, एडीजी वी. मुरूगेशन, आईजी ए.पी. अशुमान, अपर सचिव गृह श्रीमती रिद्धिम अग्रवाल, डीआईजी गढ़वाल के. एस. नगन्याल, डीआईजी सेंथिल अबुदई, पी रेनुका देवी, जिलाधिकारी देहारादून सोनिका, एसएसपी देहरादून दलीप सिंह कुंवर, वर्चुअल माध्यम से गढ़वाल कमिश्नर सुशील कुमार एवं सभी जिलाधिकारी एवं एस.एस.पी उपस्थित थे।

सीएम धामी ने आमजन लोगों की समस्यांए सुनीं

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने दो दिवसीय जिला भ्रमण के दौरान प्रथम दिवस में पिथौरागढ़ स्थित लोक निर्माण विभाग विश्राम गृह में मुख्य सेवक आपके द्वार कार्यक्रम के अंतर्गत आमजन की शिकायतों को सुना। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर जिले के विभिन्न महिला संगठनों व महिला स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों, प्रबुद्ध नागरिकों, पूर्व सैनिक संगठन के सदस्यों, व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों, प्रधान संगठन के सदस्यों, मेडिकल एसोसिएशन के सदस्यों, सस्ता गल्ला विक्रेता संगठन के सदस्यों आदि से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को सुना। कार्यक्रम में लगभग 250 शिकायतें पंजीकृत हुई। इनमें से अधिकांश शिकायतें आर्थिक सहायता प्रदान किये जाने से संबंधित थी। इसके अलावा सड़क व पुल निर्माण, रोजगार आदि से सम्बधित शिकायतें भी लोगों ने दर्ज कराई। मुख्यमंत्री धामी ने लोगों की समस्याओं को गंभीरता पूर्वक सुना तथा संबंधित अधिकारियों को शिकायतों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इस अवसर पर जिले के विभिन्न महिला संगठनों एवं महिला स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से मुलाकात कर उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली। महिला स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा अपने स्वरोजगारपरक कार्यों की जानकारी मुख्यमंत्री को दी गई। मुख्यमंत्री ने महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा किये जा रहे उत्पादन कार्यों की प्रशंसा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वोकल फॉर लोकल का जिक्र करते हुए देशवासियों से आग्रह किया कि जहां भी जाएं एक संकल्प करें कि यात्रा पर जितना भी खर्च करते हैं उसका कम से कम 5 प्रतिशत वहां के स्थानीय उत्पाद खरीदने पर खर्च करें। इससे राज्य के उत्पादों को बढ़ावा मिलने के साथ देश व दुनिया में उनकी पहचान भी बनेगी। मुख्यमंत्री ने जिले के स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से कहा कि वे अन्य महिलाओं को भी स्वरोजगार से जुड़ने के लिए प्रेरित करें।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर जनपद के प्रबुद्ध नागरिकों व विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों से भेंटवार्ता कर उनकी समस्याओं को सुना। मुख्यमंत्री ने सभी को आश्वस्त किया कि उनकी जो भी समस्याएं हैं उनका समाधान अवश्य किया जाएगा। इस अवसर पर सांसद अजय टम्टा, जिला पंचायत अध्यक्ष दीपिका बोहरा, विधायक डीडीहाट बिशन सिंह चुफाल, आयुक्त कुमाऊं मंडल दीपक रावत, जिलाधिकारी रीना जोशी, एसपी लोकेश्वर सिंह आदि उपस्थित थे।

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